जम्मूकश्मीर में 'सूर्यज'भूकंप :20-2-2019 को दिन में 7.59बजे भूकंप ,तीव्रता 3.9

     संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक तजाकिस्तान में सुबह करीब 7:05 बजे4.0 तीव्रताका भूकंप आया. इसके बाद दिल्ली से 90 किलोमीटर दूर यूपी के शामली जिले के कांधला में भी 7.49 AMप र 4.6 तीव्रता भूकंप आया.दिल्ली गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बुधवार सुबह करीब आठ बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 मापी गई,
क्या है इस भूकम्प का फल -
    इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
इस भूकंप के आस पास रहने वाले लोगों को सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्याएँ बढ़ेंगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी ! भारत की इस सीमा पर विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया जाना चाहिए !स्थानीय लोग भी इस समय विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे पत्थरबाजी आदि की घटनाएँ बढ़ती चली जाएँगी ! निकट भविष्य में इस क्षेत्र में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !
    इस भूकंप  का  प्रभाव 9 -4-2019 तक विशेष अधिक रहेगा !
 

भूकंप :सीकर में 17-2-2019 को 1.25 pm पर 'वातज' भूकंप !व्रता 4.1

इस भूकंप का फल - 

      इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में अब अचानक पागलपन सवार होगा ,उन्माद आतंकवाद आदि उपद्रवों में जन भागीदारी देखने को मिलने लगेगी |सरकार को विशेष सावधानी वर्तनी चाहिए ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के आकाश में तेजी से वायु प्रदूषण फैलेगा !धुआँ धुँआ सा दिखाई पड़ने लगेगा !तेज हवाएँ चलेंगी !  आँधी तूफान का प्रकोप बढ़ेगा ! सूर्य की किरणें भी धूमिल दिखेंगी अनाज, जल और औषधियों का नाश होगा !   शरीरों में सूजन ,दमा एवं खाँसी से उत्पन्न पीड़ा बढ़ने  लगेगी  ।ज्वर रोग तथा सामूहिक पागलपन की परेशानियाँ बढ़ेंगी इस क्षेत्र के अच्छे खासे शिक्षित और समझदार लोग भी न केवल पागलों जैसी दलीलें देते दिखेंगे अपितु उपद्रवी गतिविधियों में सम्मिलित होने में भी गर्व महसूस  करेंगे । 

  डॉक्टरों ,सैनिकों, महिलाओं नाचने गाने वालों ,फिल्मी कलाकारों एवं कारीगरों और व्यापार करने वाले लोगों पर विशेष भारी है ये भूकंप !ऐसे भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में दिमागी चक्कर आने की बीमारियाँ बढ़ती हैं अचानक ऐसा गुस्सा आता है कि मरने मारने को उतारू हो जाते हैं इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों के लोग !

      साँस फूलने संबंधी बीमारियाँ भयंकर रूप लेती जाती हैं इस भूकंप का प्रभाव तो 200 दिनों का होता है किंतु जैसे जैसे समय बीतता है वैसे वैसे घटता चला जाता है तब भी 17 -12 -2018 तक का समय विशेष भारी होगा इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र को तब तक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ साथ आतंकवादी समस्याओं से भी विशेष सावधान रहना होगा !सामाजिक दंगे न बढ़ने पाएँ ध्यान रखा जाना चाहिए इस भूकंप का आना इस क्षेत्र में किसी बड़े तनाव को तैयार करने का कारण बन सकता है !भारत और बंगलादेश के संबंधों में दरार आ सकती ेव उत्तेजना फ़ैल सकती है  !

जम्मूकश्मीर में 'सूर्यज'भूकंप :18-2-2019 को दिन में 4.23 बजे भूकंप ,तीव्रता 4.2

भूकंप का केंद्र पीओके की सीमा के पास बताया गया था !
क्या है इस भूकम्प का फल -
    इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
    इस भूकंप के आस पास रहने वाले लोगों को सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्याएँ बढ़ेंगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी ! भारत की इस सीमा पर विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया जाना चाहिए !स्थानीय लोग भी इस समय विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे पत्थरबाजी आदि की घटनाएँ बढ़ती चली जाएँगी ! निकट भविष्य में इस क्षेत्र में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !
    इस भूकंप  का  प्रभाव 28 -3-2019 तक विशेष अधिक रहेगा !
 

काँगड़ा (हिमाचल में 'सूर्यज'भूकंप :13-2-2019 को दिन में 7.35 बजे भूकंप ,तीव्रता 3.5

                                   भूकम्प का केंद्र कांगड़ा क्षेत्र में ही था !
 
क्या है इस भूकम्प का फल -
    इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
    काँगड़ा के आस पास रहने वाले लोगों को सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी ! भारत की इस इस सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया जाना चाहिए !स्थानीय लोग भी इस समय विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !
    इस भूकंप  का  प्रभाव 8 -3-2019 तक विशेष अधिक रहेगा !

बंगाल की खाड़ी में 'सूर्यज'भूकंप :12-2-2019 को दिन में 7.02 बजे भूकंप ,तीव्रता 5.1

    अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप का केंद्र बंगाल की खाड़ी में समुद्र तल से 10 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप के कारण तमिलनाडु के कुछ हिस्‍से भी प्रभावित हुए। चेन्‍नई के कई इलाकों में झटके महसूस किए गए !

क्या है इस भूकम्प का फल -

    इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
    पश्चिमबंगाल से लेकर तमिलनाडु तक समुद्र के किनारे पड़ने वाले नगरों में रहने वाले लोगों को सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी ! भारत की इस इस सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया जाना चाहिए !स्थानीय लोग भी इस समय विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !
    इस भूकंप  का  प्रभाव 8 -3-2019 तक विशेष अधिक रहेगा !

हरियाणा के महेंद्रगढ़ में 'सूर्यज'भूकंप :08-2-2019 को दिन में 1.53 बजे भूकंप ,तीव्रता 3.9

     फल -इस भूकंप का जन्म सूर्य से हुआ था इसलिए इनका फल भी सूर्य के गुणों वाला ही होगा !यद्यपि इस  भूकंप की तीव्रता बहुत कम थी इसलिए इसका प्रभाव भी कमजोर ही होगा !फिर भी ये भूकंप अपने क्षेत्र में वर्षा समाप्ति की घोषणा करने आया है अर्थात वर्षा समाप्त ! हिमाचल में अब 25-4-2019 तक पानी नहीं  बरसेगा और बरसा भी तो उसकी मात्रा बहुत कम होगी ! 

क्या है इस भूकम्प का फल -
    इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
यहाँ सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी !यहाँ तक कि भारत पाक की सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया जाना चाहिए !स्थानीय लोग भी इस समय विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !     
  

भूकंप:दिल्ली एनसीआर में 5 -2-2019 /10.17 बजे ,तीव्रता 5.6 'सन्निपातज'

भूकंप !एजेंसी के मुताबिक, कश्मीर और उसके आसपास भूकंप के झटके आए। वहीं, शिमला भूकंप केंद्र ने चंबा में 3.51 मिनट पर आए भूकंप को 3.2 और तीन घंटे 40 मिनट बाद मंडी में आए दूसरे झटके को 3.8 तीव्रता का बताया है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर और रावलपिंडी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप का केंद्र जमीन के 40 किमी नीचे उत्तर पश्चिम कश्मीर में श्रीनगर से 118 किलोमीटर दूर बताया गया है। 

इस भूकंप का फल -
     आकाश में बड़े बड़े काले काले गंभीर शब्द करने वाले बिजली कड़कने वाले  बादल आते रहेंगे आवश्यकता के अनुशार या उससे अधिक भी वर्षा कर सकते हैं ! बादल फटने की सम्भावना भी है । यह भूकंप इस  क्षेत्र के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री एवं यहाँ के संगठन प्रमुखों के लिए सभी प्रकार से हानिकारक है ऐसे विशिष्ट लोगों की सुरक्षा की विशेष चिंता की जानी चाहिए !
  यहाँ के लोगों के गले में मुख में रोग बढ़ते  हैं एवं कफ संबंधी रोगों से भूकंप प्रभावित समाज को कष्ट प्रदान करने वाला है !
    यही 'सन्निपातज' भूकंप के कारण राष्ट्र विरोधी कोई बड़ी समस्या तैयार होने जा रही है | जिससे यहाँ के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए संकट पैदा करने वाला समय है दिल्ली एवं जम्मू कश्मीर सरकार  पर संकट है ! सत्ता परिवर्तन की घोषणा  करने आया है ये भूकंप !आतंकवादी लोग इस  क्षेत्र में कोई बड़ी दुर्घटना कर सकते हैं सरकार को सुरक्षा की दृष्टि से इसे अधिक सतर्कता पूर्वक लेना चाहिए अन्यथा देश के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है यह समय !21 -3-2019  तक सुरक्षा में विशेष  सावधानी  बरती जानी चाहिए ! किसी बड़े विस्फोट की साजिश  भी इस क्षेत्र में रची जा सकती है |सावधान रहने की आवश्यकता है !

    इस समय पाकिस्तान मित्रता करने का नाटक करके भारत को कोई बड़ी  चोट  दे सकता है ! यह बात बताने आया है भूकंप !

भारतपाकिस्तान हिंदूकुश में संयुक्त भूकंप 2-2-2018 को 5.34pm'चन्द्रज' भूकंप !तीव्रता6.1

 जानिए इस भूकंप का फल -
      इस समय भूकंप की सूचना के अनुशार इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों  में इस समय उन्माद की मात्रा घटेगी ! भारत पाकिस्तान के बीच आपसी संबंध मधुर होने शुरू होंगे संबंध सामान्य करने के लिए आपसी वार्ता पुनः प्रारंभ होगी !भारत पाकिस्तान के लोग आपसी वैमनस्य भूलकर एक दूसरे के प्रति अच्छा सोचना प्रारंभ करेंगे हिंसक मनोवृत्तियों का प्रतिशत घटेगा !भारत पकिस्तान दोनों मिलकर यदि इस समय का सदुपयोग करें तो 3 फरवरी से 20 मार्च 2019 के बीच प्रयास पूर्वक शांति की दिशा में कोई मजबूत कदम उठाया जा सकता है !

     प्राचीन विज्ञान के हिसाब से चंद्र किरणों के प्रभाव से यह भूकंप प्रकट हुआ है इसलिए  'चन्द्रज' भूकंप होने के कारण भूकंप प्रभावित क्षेत्र में अति वर्षा और बाढ़ बर्फवारी या बादल फटने  आदि की घटनाएँ बढ़ेंगी ! भूकंप का केंद्र चंद्र से संबंधित है इसलिए जल के संपर्क में अधिक रहने वाले लोग जल जनित बीमारियों के शिकार होंगे ! इन क्षेत्रों में तालाब आदि के संपर्क में रहने वाले लोग नहाने धोने एवं पीने के पानी का भी विशेष सतर्कता से प्रयोग करें!
     कुल मिलाकर पानी के प्रदूषण से प्रदूषित वायु का स्पर्श होने से भी हो सकती हैं उल्टी दस्त एवं ज्वर जैसी अधिक दिनों तक चलने वाली कई बीमारियाँ !सरकार इनसे बचाव के लिए समय रहते यदि सचेत नहीं हो सकी तो उपर्युक्तसमय तक ये बीमारियाँ सरकार के नियंत्रण से बाहर भी जा सकती हैं !इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की क्षति होगी ।इस भूकंप का विशेष प्रभाव 20 -3 -2019  तक रहेगा !किंतु जैसे जैसे समय बीतता जाएगा वैसे वैसे भूकंप का प्रभाव घटता जाएगा और भूकंप से सम्बंधित कही गई बातें भी सामान्य होती चली जाएँगी !जलजनित गैसों के प्रकोप से ये भूकम्प आया  है और उन्हीं गैसों के प्रकोप से ज्वर आदि बीमारियाँ अचानक बढ़ती चली जाएँगी !जैसे जैसे समय बीतेगा वैसे वैसे स्थिति सामान्य  होती जाएगी | पुनः  इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की बहुत बड़ी क्षति होगी । जल जनित बीमारियों से बचने के लिए नदी तालाब आदि के जलों के संपर्क में रहने से अधिक से अधिक बचने का प्रयास करें

वायुप्रदूषण और भूकंप पूर्वानुमान :फरवरी - 2019

          वर्षा पूर्वानुमान -
     फरवरी के महीने में वर्षा और बर्फवारी की संभावनाएँ अधिक हैं जिससे सर्दी का बढ़ना भी स्वाभाविक ही है ! फरवरी की 1 तारीख से लेकर 19 तारीख तक वर्षा की संभावनाएँ अच्छी हैं इसमें भी 1 तारीख़ से 10 तारीख़ तक अधिक वर्षा की संभावनाएँ हैं जबकि 20 फरवरी से 28 फरवरी तक समान्यवर्षा होगी !
     4,5 फरवरी को जम्मू कश्मीर हिमाचल उत्तराखंड पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश आदि में अधिकवर्षा एवं 18,19,20 को अरुणाचल प्रदेश असम मेघालय मिजोरम नागालैंड त्रिपुरा बिहार झारखंड आदि में अच्छी वर्षा होगी!
      3,6,7,8 तारीखों में  कई अलग अलग स्थानों पर वर्षा की संभावनाएँ हैं !1फरवरी से 6 फरवरी तक सभी जगहों पर वर्षा होगी ! इसमें अरुणाचल सिक्किम बिहार उत्तर प्रदेश उत्तराखंड हिमाचल जम्मूकश्मीर आदि में वर्षा होने का अनुमान है ! 14,15,16,17 तारीखों में अरुणाचल असम आदि पूर्वी प्रदेशों में तथा गुजरात महाराष्ट्र राजस्थान मध्यप्रदेश आदि  में बारिस होगी एवं 16,17 तारीखों में कई अन्य जगहों पर भी स्थान बदल बदलकर बारिश होगी ! 20 से 24 तक सामान्य वर्षा होगी !    
   वायुप्रवाह -1 फरवरी से 28 फरवरी तक संपूर्ण समय में ही वायु की गति सामान्य से अधिक रहेगी !उसमें भी 1 फरवरी से 15फरवरी तक हवा का वेग अधिक होगा !1 फरवरी से 6 फरवरी तक कुछ क्षेत्रों में हवा की गति काफी अधिक होगी !25,26,27 को भूरे बादलों का जमघट एवं वायु का प्रवाह विशेष अधिक रहेगा !
      आँधी तूफ़ान -10 फरवरी से 14 फरवरी तक एवं 24  फरवरी से 27 फरवरी तक आँधी तूफ़ान चक्रवात ,बर्फीला तूफ़ान आदि की संभावना अधिक रहेगी !इसमें भी 24 से 28 तक चक्रवात आदि के साथ साथ भूकंप आदि प्राकृतिक आपदाएँ भी घटित हो सकती हैं !
     वायु प्रदूषण- 12फरवरी से 16 फरवरी तक एवं 26 फरवरी से 28 फरवरी तक सुदूर आकाश से गिरे हुए वायु प्रदूषण कारकों का असर वातावरण में विशेष अधिक देखने को मिलेगा !फरवरी के महीने में वर्षा एवं वायु का वेग अधिक रहने के कारण प्रदूषण का प्रभाव विशेष अधिक भले ही न दिखाई दे फिर भी इस समय में बढ़ेगा !
   भूकंप एवं प्राकृतिक आपदाएँ -9 फरवरी से 15 फरवरी तक एवं 23फरवरी से 28फरवरी तक भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएँ ,लोगों में उन्माद,आंदोलन की भावना,वाहनों का टकराना,बसों का खाई में गिरना,हवाई दुर्घटनाएँ ,आतंकवादी घटनाएँ आदि घटित हो सकती हैं !
   तनाव का समय- 22 फरवरी से लेकर 28 फरवरी तक तनावग्रस्त लोगों का तनाव दिनों दिन बढ़ता चला जाएगा !जिन्हें पहले से कोई तनाव नहीं  है उन्हें भी इस समय तनाव उलझन बेचैनी विवाद आदि का सामना करना पड़ेगा किंतु उसका प्रभाव उन पर विशेह अधिक नहीं पड़ेगा !
 रोगकारक समय - 4,6,11,13,18,20,25,27तारीखों में पहले से चले आ रहे रोगों के बढ़ने का समय है !