पराली जलाने से वायु प्रदूषण का कोई संबंध नहीं ! - एकरिसर्च

    प्रदूषण का संबंध पराली जलाने या बाहनों में से धुआँ निकलने से नहीं है !और न ही कलकारखानों के धुएँ से ही बढ़ता है  प्रदूषण !
       प्रदूषण का सीधा संबंध समय के साथ होता है समय जब अच्छा चल रहा होता है तब आसमान साफ होता है और बुरे समय का प्रभाव  के प्रभाव से वायु मंडल प्रदूषित हो जाता है तथा जब तक समय खराब बना रहता है तब तक बढ़ता रहता है वायुप्रदूषण !
     समय कब से कब तक अच्छा रहेगा और कब से कब तक बुरा इसका पूर्वानुमान 'सूर्यसिद्धांत' के द्वारा गणित प्रक्रिया से लगाया जा सकता है !जिस गणित प्रक्रिया के द्वारा आकाश में घटित होने वाले सूर्य और चंद्र के ग्रहणों का सटीक पूर्वानुमान लगा लिया जाता है !वैसे भी क्योंकि पराली जलाने से या बाहनों के धुएँ से यदि वायु प्रदूषण बढ़ता होता तो उसका पूर्वानुमान लगा पाना संभव न हो पाता और ऐसे पूर्वानुमान सही घटित भी नहीं होते !अब आप स्वयं परीक्षण कीजिए -
वायु प्रदूषण का पूर्वानुमान : अक्टूबर और नवंबर - 2018
     
       इस वर्ष 13 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 30 नवंबर तक का समय वायु प्रदूषण के कारण विशेष चिंतनीय रहेगा !इस संपूर्ण समय में ही वायुप्रदूषण की घटनाएँ सारे विश्व में बहुत अधिक घटित होंगी !इस वायु प्रदूषण का निर्माण का कारण सूर्यग्रह पर विद्यमान है जहाँ इनका निर्माण 26 अप्रैल 2018 से 9 जून 2018 तक हुआ था यह प्रदूषण सूर्य किरणों के साथ उतर कर प्रदूषण पृथ्वी के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है !
      13अक्टूबर 2018 से 30-11-2018 तक इस वायु प्रदूषण का प्रभाव सम्पूर्ण विश्व पर पड़ेगा !यूनाइटेड किंगडम, स्पेन, जर्मनी, फ्राँस, इटली, मिश्र, तुर्की, मिस्र, ईराक, ईरान, उत्तरी सऊदी अरब ,दक्षिणी अफगानिस्तान,पाकिस्तान,भारत,दक्षिणीनेपाल,बाँगलादेश,दक्षिणीचीन,म्यांमार,लाओस,थाईलैंड,वियत नाम, कम्बोडिया का उत्तरी क्षेत्रऔर फिलीपींस आदि के आकाश में वायु प्रदूषण का प्रभाव अक्टूबर नवम्बर में विशेष अधिक रहेगा !विशेष कर भारत में उत्तरी राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली,उत्तर प्रदेश,बिहार,झारखण्ड,पश्चिमी बंगाल त्रिपुरा,मिजोरम आदि का आकाशीय वातावरण वायु प्रदूषण से बहुत अधिक प्रदूषित रहेगा !इनमें भी जिन देशों प्रदेशों शहरों आदि में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग धंधे,वाहन आदि होंगे वहाँ इस प्रदूषण का असर विशेष अधिक दिखाई देगा ! इस समय में वायु प्रदूषण की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाएगी !जिसका कारण केवल फैक्ट्रियों या वाहनों से निकला हुआ धुआँ नहीं होगा और न ही फसलों के अवशेष जलाया जाना होगा !आधुनिक वैज्ञानिकों के द्वारा गढ़ी गई ग्लोबलवार्मिंग और क्लाइमेटचेंज जैसी झूठी किस्से कहानियों का भी इससे कोई संबंध नहीं होगा !क्योंकि ये सूर्यकृत वायु प्रदूषण है !
        अक्टूबर में : आँधीतूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं का यह समय  13 अक्टूबर - 2018 से प्रारंभ होकर  30 नवम्बर तक चलेगा ही !जो सारे अक्टूबर के महीने में तो रहेगा नवंबर और आगे भी कुछ महीनों तक पीड़ित  करता रहेगा !अक्टूबर  महीने में हवाओं का वेग विशेष अधिक होगा !इसमें भी 13,14,15,16,17 आदि तारीखों में एवं 21,22, 23,24,25,
26, 27, 28,29 इन तारीखों में वायु प्रदूषण की मात्रा भी काफी अधिक बढ़ जाएगी !आकाश धूलि धूसरित दिखेगा !यह समय वायु प्रदूषण की दृष्टि से अत्यंत विकराल होगा !इसमें भी 26,27,28  तारीखों में बड़ी प्राकृतिक आपदाओं का प्रबल भय है!इसमें वायु प्रदूषण की मात्रा विशेष अधिक बढ़ जाएगी जो  31 अक्टूबर तक चलेगी !15 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक अनेकों देशों में वायु और प्रदूषण का वेग विशेष अधिक होगा !
इसी प्रकार से -
       नवम्बर 2018 : नवम्बर के संपूर्ण महीने में आँधीतूफान ,वायु प्रदूषण एवं चक्रवात जैसी प्राकृतिक घटनाएँ बार बार घटित होने के कारण वायुप्रदूषण का स्वरूप अत्यंत डरावना होगा !अक्टूबर की अपेक्षा नवंबर में वायु की तीव्रता काफी अधिक होने के बाद भी वायु प्रदूषण भी काफी अधिक होगा !इसमें भी 6 नवंबर 2018 के बाद प्राकृतिक आपदाओं की विकरालता दिनोंदिन और अधिक बढ़ती चली जाएगी !विशेषकर 9,10,11,12,13,14   नवंबर में भीषण आँधी तूफ़ान ,चक्रवात और बज्रपात जैसी घटनाओं की काफी अधिकता रहेगी !वायुप्रदूषण भी इस समय बहुत बढ़ा रहेगा !इन तारीखों के अलावा नवंबर महीने की ही 20,21,22,23,24 इस समय वायु प्रदूषण की मात्रा विशेष अधिक बढ़ जाएगी !                                                       

 

भूकंप -उत्तराखंडमें 16-10-2018 को 4.06 AM तीव्रता 3 .2'चन्द्रज' भूकंप !

जानिए इस भूकंप का फल -
      इस समय भूकंप की सूचना के अनुशार इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों  में इस समय उन्माद की मात्रा घटेगी ! प्राचीन विज्ञान के हिसाब से चंद्र किरणों के प्रभाव से यह भूकंप प्रकट हुआ है इसलिए  'चन्द्रज' भूकंप होने के कारण इसमें अति वर्षा और बाढ़  आदि की घटनाएँ बढ़ेंगी ! भूकंप का केंद्र चंद्र से संबंधित है इसलिए जल के संपर्क में अधिक रहने वाले लोग जल जनित बीमारियों के शिकार होंगे !   इन क्षेत्रों में तालाब आदि के संपर्क में रहने वाले लोग नहाने धोने एवं पीने के पानी का भी विशेष सतर्कता से प्रयोग करें!
     कुल मिलाकर पानी के प्रदूषण से प्रदूषित वायु का स्पर्श होने से भी हो सकती हैं उल्टी दस्त एवं ज्वर जैसी अधिक दिनों तक चलने वाली कई बीमारियाँ !सरकार इनसे बचाव के लिए समय रहते यदि सचेत नहीं हो सकी तो उपर्युक्तसमय तक ये बीमारियाँ सरकार के नियंत्रण से बाहर भी जा सकती हैं !इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की क्षति होगी ।इस भूकंप का विशेष प्रभाव 20-11-2018 तक रहेगा !किंतु जैसे जैसे समय बीतता जाएगा वैसे वैसे भूकंप का प्रभाव घटता जाएगा और भूकंप से सम्बंधित कही गई बातें भी सामान्य होती चली जाएँगी !जलजनित गैसों के प्रकोप से ये भूकम्प आया  है और उन्हीं गैसों के प्रकोप से ज्वर आदि बीमारियाँ अचानक बढ़ती चली जाएँगी !जैसे जैसे समय बीतेगा वैसे वैसे स्थिति सामान्य  होती जाएगी | पुनः  इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की बहुत बड़ी क्षति होगी । जल जनित बीमारियों से बचने के लिए नदी तालाब आदि के जलों के संपर्क में रहने से अधिक से अधिक बचने का प्रयास करें

जम्मू कश्मीर में 'सूर्यज'भूकंप :7-10-2018 को दिन में. बजे भूकंप ,तीव्रता 4 .6

जम्मू कश्मीर में यह भूकंप वर्षा की समाप्ति की घोषणा करने आया था !
        इस भूकंप का निर्माण जून 2018 में सूर्य से हुआ था सूर्य किरणों के सहारे पृथ्वी पर उतरने और संगठित होने में लंबा समय बीत गया  इसलिए इसका फल भी सूर्य के गुणों वाला ही होगा !यद्यपि इस  भूकंप की तीव्रता कम थी इसलिए इसका प्रभाव भी कमजोर ही होगा !फिर भी ये भूकंप अपने क्षेत्र में वर्षा बर्फवारी आदि के समाप्ति की घोषणा करने आया है अर्थात वर्षा ऋतु समाप्त ! जम्मू कश्मीर में अर्थात भूकंप प्रभावित क्षेत्र में अब 13 नवंबर 2018 तक पानी नहीं  बरसेगा और बरसा भी तो उसकी मात्रा बहुत कम होगी ! जमी हुई बर्फ पिघलने लगेगी ! बढ़ती हुई ठंड रुक जाएगी !  
    इस भूकंप का निर्माण चूँकि सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
यहाँ सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी !यहाँ तक कि भारत पाक की सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया जाना चाहिए !स्थानीय लोग भी इस समय विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !     
  
       

आँधीतूफान : अक्टूबर - 2018

                               आँधीतूफान : अक्टूबर - 2018 

     बहुत वर्षों के बाद ऐसा दिखेगा जब अक्टूबर के महीने में आँधी तूफ़ान जैसी प्राकृतिक आपदाओं  के प्रकोप देखने को मिलेंगे !चक्रवात सुनामी भूकंप जैसी घटनाएँ कुछ देशों को बिचलित कर सकती हैं सरकारों के द्वारा जन धन के हित  के लिए किए जाने वाले अधिकतम प्रयास भी कमजोर सिद्ध होंगे !इस वर्ष कुछ देशों में ऐसा प्राकृतिक वातावरण बनेगा जो शायद पिछले कुछ दशकों में न दिखाई पड़ा हो !
       आँधी तूफ़ान लाने वाला ऐसा समय 10 अक्टूबर 2018 से  प्रारंभ हो जाएगा जो सारे अक्टूबर के महीने में तो रहेगा ही आगे भी पीड़ित  करता रहेगा !  इसलिए इस महीने हवाओं का वेग विशेष अधिक होगा !इसमें भी 11,12,13,14 तारीखों में आँधी तूफ़ान चक्रवात जैसे प्राकृतिक प्रकोप देखने को मिलेंगे !इस दृष्टि से 24, 25, 26, 27, 28 तारीखों में उठे बवंडरों का स्वरूप अत्यंत अधिक विकराल होगा !इसकी चपेट में जो देश आ जाएँगे उनका बड़ा नुक्सान होगा !इसमें भी 25,26,27 तारीखों में आँधी तूफ़ानों  के साथ साथ सुनामी और भूकंप जैसी बड़ी प्राकृतिक आपदाओं का प्रबल भय है !29,30 और 31 तारीखों में भी आँधी तूफान जैसी घटनाएँ तो घटित होंगी किंतु उतनी अधिक हिंसक नहीं होंगी !
      जिन देशों स्थानों में बहुत बड़ी प्राकृतिक आपदाएँ नहीं भी घटित होंगी वहाँ भी वायु का वेग क्रमशः बढ़ता चला जाएगा !12 अक्टूबर से 17अक्टूबर तक प्रायः प्रत्येक देश में वायु का वेग अधिक होगा !18 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक आँधी तूफान की घटनाएँ अधिक घटित होंगी !

मौसम पूर्वानुमान : अक्टूबर -2018

                                                                                                  डॉ .शेषनारायण वाजपेयी                                                                                                 ज्योतिषाचार्य,व्याकरणाचार्य,                                             एम. ए. हिंदी,पी.जी.डी.पत्रकारिता
                                                                                          Ph.D. हिंदी(ज्योतिष) B.H.U
                                                      मौसम पूर्वानुमान : अक्टूबर -2018
अक्टूबर के महीने में पश्चिम दिशा में वर्षा की संभावनाएँ बहुत कम हैं जबकि उत्तर पश्चिम में पानी की संभावना पूरे समय रहेगी जिसमें कुछ दिनों के अलावा पानी की मात्रा बहुत अधिक नहीं होगी !महाराष्ट्र गोवा कर्नाटक जैसे प्रदेशों में इस महीने भी अक्सर वर्षा का वातावरण बनता दिखाई देगा !छिटपुट वर्षा होगी पानी की मात्रा कम ही रहेगी !12 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक जम्मू कश्मीर हिमाचल उत्तराखंड उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा मिजोरम कलकत्ता झारखंड उड़ीसा आदि प्रांतों में वर्षा होती रहेगी !
      1अक्टूबर को मौसम सामान्य रहेगा !2 को अत्यंत  साधारण वर्षा होगी  3,4, अक्टूबर को असम  अरुणाचल सिक्किम नागालैंड बिहार उत्तर प्रदेश उत्तराखंड हिमाचल आदि क्षेत्रों में वर्षा होगी !5 अक्टूबर को उत्तर दिशा के साथ साथ दक्षिण दिशा में भी वर्षा होगी ! 5, 6,7 को वर्षा की मात्रा अधिक होगी !इन दिनों में वर्षा देश के अधिकाँश भागों को प्रभावित करेगी !उसमें भी झारखंड कलकत्ता उड़ीसा छत्तीसगढ़ त्रिपुरा मिजोरम ,उत्तर प्रदेश उत्तराखंड हिमाचल दिल्ली जैसे क्षेत्र इन दिनों की वर्षा से अधिक प्रभावित होंगे !8 को वैसे तो वातावरण सामान्य रहेगा फिर भी गोवा केरल तमिलनाडु कर्नाटक में वर्षा होगी !9 को बादल और वर्षा का वातावरण बनते दिखाई देगा सामान्य वर्षा भी होगी किंतु 10 को अच्छी और कहीं कहीं अधिक बारिस भी होगी !11 को सामान्य समय रहेगा !12 को साधारण बारिस होगी !13,14,15 को सफेद भूरे रंग के बादल आएँगे हवाएँ चलेंगी किंतु उत्तर भारत के अलावा अन्य क्षेत्रों में वर्षा की सम्भावना अत्यंत  कम रहेगी ! 16,17,18,19 को  जम्मू कश्मीर हिमाचल उत्तराखंड तथा केरल  तमिलनाडु आदि में भी वर्षा अधिक होगी !
      20 को सामान्य वातावरण  रहेगा हल्की बूंदों से कहीं कहीं फुहारें पड़ सकती हैं !21 ,22 को मणिपुर मिजोरम कलकत्ता,उड़ीसा,त्रिपुरा एवं हिमाचल उत्तराखंड उत्तर प्रदेश आदि में अधिक बारिस होगी ! 22,23,24 को सिक्किम अरुणाचल मेघालय उत्तर प्रदेश उत्तराखंड हिमाचल जम्मू कश्मीर में भी विशेष अधिक बारिस होगी !24 .,25,26 को सिक्किम ,अरुणाचल,असम आदि तथा हिमाचल ,उत्तराखंड ,उत्तरप्रदेश ,गुजरात ,राजस्थान आदि क्षेत्रों में अच्छी बारिस होगी !27,28,29 इन तारीखों में देश के अधिकाँश भागों में वर्षा होगी जिसमें उत्तर पश्चिम एवं दक्षिणपूर्व इस वर्षा से अधिक प्रभावित होगा !30,31 गुजरात ,हिमाचल जम्मूकश्मीर ,सिक्किम मेघालय आदि के क्षेत्रों में अधिक वर्षा होगी !
  16 केरल तमिलनाडु गोवा गुजरात आदि में भी वर्षा होगी !17,18,19को जम्मू कश्मीर हिमाचल एवं कर्नाटक आदि दक्षिण में भी वर्षा होगी !20,21,22,23  में उत्तराखंड ,उत्तरप्रदेश, बिहार केरल आदि में भी वर्षा होगी !24,25,26 में सिक्किम बिहार उत्तर प्रदेश एवं उत्तरी भाग वर्षा से अधिक प्रभावित होगा !272829  में मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ ,उत्तर प्रदेश,दिल्ली ,हरियाणा, पंजाब आदि क्षेत्रों में वर्षा अधिक होगी ! 30 31 को सिक्किम ,अरुणाचल,नागालैंड आदि क्षेत्रों में वर्षा की अधिकता रहेगी !

     विशेष : इस महीने में आँधी तूफान की अधिकता रहेगी जिसकी चर्चा दूसरे लेख में करेंगे !
                                                                                           निवेदक -
                                                                                 डॉ.शेष नारायण वाजपेयी
                                                                          फ्लैट नं 2 ,A-7 /41,कृष्णानगर,दिल्ली -51
                                                                                        मो.9811226973 /83
                                                                            Gmail -vajpayeesn @gmail.com



हिमाचल में चल रही घोर वर्षा के तत्काल रुकने के पूर्वानुमान के विषय में !सोम, 24 सित॰, 5:49 pm (16 घंटे पहले)

हिमाचल में चल रही घोर वर्षा के तत्काल रुकने के पूर्वानुमान के विषय में !

Dr.Shesh Narayan Vajpayee <vajpayeesn@gmail.com>

सोम, 24 सित॰, 5:49 pm (16 घंटे पहले)


rajnish.ranjan, Ramesh
 डॉ.साहब सादर नमस्कार !
            इस समय हिमाचल में घनघोर वर्षा हो रही है उसी बीच आज दोपहर 24-9-2018 दोपहर 2. 22 बजे शिमला में भूकंप आया है जिस  भूकंप का निर्माण सूर्य से हुआ था अतएव अब शिमला में सूर्य का प्रभाव बढ़ेगा जिससे बर्फ पिघलेगी वातावरण बदलेगा तापमान बढ़ेगा और शिमला में चल रही घोर बरिस तत्काल बंद होने की सूचना देता है यह भूकंप ! इसलिए वर्षा आज से अचानक बंद हो जाएगी ! केवल इसी बात की घोषणा करने आया था यह भूकंप !

                                निवेदक -
               डॉ. शेष नारायण वाजपेयी

हिमाचल (सिरमौर) में 'सूर्यज'भूकंप :24-9-2018 को दिन में 2.22 बजे भूकंप ,तीव्रता 3.7

हिमाचल में इस समय भारी बारिश से हर तरफ तबाही मची हुई है। सोमवार को बारिश के बीच लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। यह भूकंप हिमाचल में वर्षा की समाप्ति की घोषणा करने आया था !
     फल -इन दोनों भूकंपों का जन्म सूर्य से हुआ था इसलिए इनका फल भी सूर्य के गुणों वाला ही होगा !यद्यपि इस  भूकंप की तीव्रता बहुत कम थी इसलिए इनका प्रभाव भी कमजोर ही होगा !फिर भी ये भूकंप अपने क्षेत्र में वर्षा समाप्ति की घोषणा करने आया है अर्थात वर्षा ऋतु समाप्त ! हिमाचल में अब 6 नवंबर 2018 तक पानी नहीं  बरसेगा और बरसा भी तो उसकी मात्रा बहुत कम होगी !    
क्या है इस भूकम्प का फल -
    इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
यहाँ सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी !यहाँ तक कि भारत पाक की सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया जाना चाहिए !स्थानीय लोग भी इस समय विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !     
  
       

सौरविज्ञान के आधार पर पूर्वानुमान !13 सितंबर 2018 से 25 सितंबर2018 के बीच

ये जीमेल भेजा गया था

सौर पद्धति से पूर्वानुमान अनुसंधान कार्य में सहयोग हेतु -

इनबॉक्स
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Dr.Shesh Narayan Vajpayee <vajpayeesn@gmail.com>

अटैचमेंटबुध, 12 सित॰, 7:18 pm (12 दिन पहले)


rajeev.topno, prinsec.pmo, nitin.gadkari, dr.satyapalsingh, dr.mahesh, मैं
मान्यवर !आपको सादर नमस्कार ,बहुत बहुत क्षमा याचना के साथ !सादर निवेदन -                  
सौर विज्ञान के द्वारा पूर्वानुमान 
     संसार में समय के साथ साथ प्रकृति में जीवन में सभी प्रकार के बदलाव होते हैं और समय सूर्य के साथ बीतता है इसलिए संसार में घटित होने वाले प्रत्येक परिवर्तन को सौर विज्ञान से समझा जा सकता है !
     वर्तमान समय में केवल मौसम ही नहीं अपितु जीवन के प्रत्येक क्षेत्र से संबंधित पूर्वानुमान अपने को पता होने चाहिए ताकि उससे संबंधित सावधानियाँ वरती जा सकें !सरकारी स्तर पर पूर्वानुमानों के नाम पर हमें केवल मौसम संबंधी पूर्वानुमान ही बताया जाता है वो भी सही होगा या नहीं इसकी  किसी की कोई जिम्मेदारी नहीं होती !इसीलिए वो अक्सर गलत ही होता है !जिससे कृषि आदि क्षेत्रों में किसानों को काफी नुक्सान उठाना पड़ता है !इसीलिए किसान आत्महत्या करने को विवश होते हैं !इस बार महाराष्ट्र के कुछ किसानों ने मौसम विभाग से तंग होकर FIR भी करवाई है !ऐसी ही बातों व्यवहारों से पीड़ित होकर मैंने वैदिक विज्ञान के आधार पर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र से संबंधित पूर्वानुमान उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रहा हूँ जो काफी हद तक सही भी होते हैं !
अटैचमेंट क्षेत्र
ये उस पीडीएफ का मैटर है -
13  सितंबर 2018 से 25 सितंबर2018 के बीच घटित होने वाली संभावित घटनाओं का पूर्वानुमान !

1. वर्षाबाढ़ -13 सितंबर से 17 सितंबर तक राजस्थान मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश उत्तराखंड आदि क्षेत्रों में से कुछ प्रांतों में अधिक वर्षा होगी !इसके बाद 19,20,22,23,24 में उत्तर क्षेत्र में भी अधिक वर्षा होगी !
2. आँधीतूफान -13 सितंबर से 17 सितंबर तक पश्चिम बंगाल बिहार झारखंड के अलावा पूर्वोत्तर भारत के असम आदि समस्त प्रदेश तथा जम्मूकश्मीर मेरठ हरियाणा दिल्ली आदि के क्षेत्र आँधी तूफान आदि की घटनाओं से पीड़ित होंगे !
3.वायुप्रदूषण - 13 सितंबर से 20 सितंबर तक जम्मूकश्मीर ,हरयाणा, दिल्ली,पश्चिमी उत्तरप्रदेश,पूर्वी बिहार झारखंड,पश्चिमी बंगाल , पूर्वोत्तर भारत एवं बंगलादेश का आसमान आकाशीय धूल ,धुंध ,धुएँ आदि से आच्छादित होने के कारण वायुमंडल प्रदूषित होगा !जिससे सूर्य किरणें धूमाच्छादित सी दिखाई देंगी और आकाश आकाशीय धूलि से धूसरित होगा !
4. रोग - 13 सितंबर से 22 सितंबर तकपूर्वोत्तर भारत झारखंड बिहार दिल्ली जम्मू कश्मीर आदि में सूखी खाँसी ,चक्कार आने एवं घबराहट जैसे रोगों से परेशानियाँ बढ़ेंगी !
5. समाज- 13 सितंबर से 22 सितंबर के समय जम्मूकश्मीर तथा दिल्ली एवं दिल्ली के आस पास के शहरों का वातावरण बिषैला बनाया जाएगा कुछ लोगों के द्वारा उन्माद फैलाया जाएगा !जिससे सामाजिक संघर्ष एवं वैमनस्यता फैलेगी ! पाकसीमा से लगे जम्मू कश्मीर के क्षेत्र में जनभागीदारी से सुनिश्चित एवं सुनियोजित उन्माद फैलाया जाएगा जिससे इन्हीं दिनों में पत्थर बाजी जैसी घटनाएँ घटित हो सकती हैं !
   इसीप्रकार से 13 सितंबर से 22 सितंबर तक के समय में असम एवं उसके आसपास के प्रदेशों देशों में भी आतंकवाद की घटनाएँ देखने को मिल सकती हैं विशेष कर कोकराझार जिला एवं उसके आस पास के जिला या नगर के लोगों में उन्माद भरा जाएगा जिससे वो अच्छे खासे शिक्षित एवं सामाजिकलोग भी वातावरण को बिषाक्त बनाने में सहभागिता निर्वाह करतेदेखे जाएँगे !ऊटपटाँगतर्क देते देखेजाएँगे !इसीकारण से सामाजिक दंगे भड़कसकते हैं औरपूर्वोत्तर का वातावरण बिगड़ सकता है !
सुरक्षा -जम्मूकश्मीर एवं असम के आस पास से विदेशी सीमा से ऐसे आतंकी लोग भेजे जा सकते हैं जिनसे जनधन के हानि की भारी संभावना देखी जा सकती हैं !!
तनाव - 13 सितंबर से लेकर 17 सितंबर तक का समय तनाव बढ़ने का है इस समय में सभी प्रकार के सभी लोगों को तनाव होगा !सारा संसार इस समय में तनावग्रस्त रहेगा जो व्यस्त हैं सभी साधनों से संपन्न हैं तनाव उन्हें भी होगा किंतु इसका अनुभव उन्हें अधिक नहीं होने पाता है जो पहले से ही अभावग्रस्त या समस्याग्रस्त होते हैं या पीछे से ही कोई तनाव चला आ रहा होता है उन्हें ऐसे समय में तनाव का एहसास विशेष अधिक होगा !ऐसे समय में ही सामाजिक तनाव उन्माद आदि फैलने की संभावना रहती है !
                                                                                  निवेदक -
                                                                                 डॉ.शेष नारायण वाजपेयी
                                                                          फ्लैट नं 2 ,A-7 /41,कृष्णानगर,दिल्ली -51
                                                                                        मो.9811226973 /83
                                                                            Gmail -vajpayeesn @gmail.com

भूकंप गुजरात कच्छ में -14-9-2018 ,तीव्रता 2.5, समय 3.27PM

गुजरात के कच्छ क्षेत्र में आज से वर्षा समाप्ति की घोषणा कर रहा है ये भूकंप !
   या भूकंप कमजोर है फिर भी इस भूकंप का होगा यह फल ! किन्तु फल भी थोड़ा कमजोर ही रहेगा !इसका प्रभाव 10-10-2018 तक रहेगा !
      इस भूकंप का निर्माण चूँकि सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
     यहाँ सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी !यहाँ तक कि भारत पाक की सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया जाना चाहिए !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !     
  

सौर विधा से भूकम्पीय पूर्वानुमान !


      आकाशीय परिस्थितियों में अचानक परिवर्तन आने के कारण सूर्य और चंद्र की आकृति वर्ण आदि बिगड़ने लगे हैं दक्षिण भारतीय आकाश विकृत होने लगा है !इस प्रकार की परिस्थितियाँ अचानक अप्रत्याशित रूप से बदलने के कारण दक्षिण भारत एकबार फिर अप्रत्याशित आपदा की ओर बढ़ता जा रहा है !दक्षिण भारत की ओर पड़ने वाली सूर्यकिरणों की नीलिमा दक्षिण भारतीय पर्यावरण को विषैला बनाती जा रही है!संभव ये भी है कि सूर्य की इन क्रोधी किरणों का कोपभाजन केरल ही हो क्योंकि अक्षांश देशांतरीय इशारा केरल की ओर ही है !इन बिषैली किरणों का सबसे अधिक दुष्प्रभाव 14 सितंबर 2018 प्रातः काल 3  बजकर 56 मिनट से लेकर 15 सितंबर 2018 प्रातः 5 बजकर 48 मिनट के बीच होगा !यदि ये समय किसी प्रकार से टल जाए तो इस प्राकृतिक आपदा से बचा जा सकता है !  
       इस समय में सौर किरणों के दुष्प्रभाव से दक्षिण भारत में भूकंप आने की संभावना है जिसकी तीव्रता 6 के आसपास हो सकती है !इस दुष्प्रभाव को कम करने के लिए यदि उचित वैदिक विधान किया जाए तो इसकी तीव्रता घट सकती है संभव है कि इस भूकंप जैसी संभावित आपदा के वेग को  दैवी प्रभाव से और अधिक घटाया भी जा सके ! इसलिए विशेषकर केरलवासी भगवती दुर्गा की आराधना करके इस आपदा को टालने का प्रयत्न करें !