वायु प्रदूषण पूर्वानुमान : दिसंबर -2018

                                                  
                                                           
                                                     Forecasting- All   
                प्रकृति हो या जीवन - सभी प्रकार के पूर्वानुमान 
     दिसंबर 2018 में क्या क्या होगा आप भी जानें - पहले परीक्षण करें फिर विश्वास करें !

      दिसंबर महीने में आँधी तूफानों चक्रवातों की बहुत अधिकता रहेगी ! जिनका स्वरूप अत्यंत  डरावना होगा !वायु प्रदूषण भी काफी अधिक बढ़ा रहेगा !विश्व के अनेक देश,प्रदेश,जनपद ऐसी प्राकृतिक पीड़ा से पीड़ित होंगे जिनसे जनधन हानि की संभावना है !वैसे तो ऐसे वायु संबंधी उत्पात पूरे महीने ही दिखाई पड़ते रहेंगे फिर भी 3 दिसंबर से 31 दिसंबर तक स्थान बदल बदल कर आँधी तूफान आदि की घटनाएँ घटित होंगी ! इसमें भी 7 से 16 तक एवं 20 से 31 तक वायु वेग विशेष अधिक रहेगा !
    इसमें 2 से 17 एवं 24 से 31 तारीख की अवधि में चलने वाली हवाएँ हिंसक होंगी ये जनधन की हानि करने वाली होंगी !इसमें कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाएँ घटित होंगी !प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से विशेष भयानक दिसंबर महीने की 5,6,7,8, एवं 19,20,21,22 तारीखें होंगी !इसमें भी 5,6,7,8,एवं21,22 ,23 तारीखें अधिक चिंतनीय होंगी !इन तारीखों में आँधी, तूफ़ान,चक्रवात,सुनामी , भूकंप आदि का निर्माण होगा जिससे विश्व के अनेकों देश पीड़ित होंगे !
      वायुप्रदूषण की दृष्टि से दिसंबर का संपूर्ण महीना ही विशेष डरावना होगा !उसमें भी 7,8,9,10,11 एवं 22 ,23,24 तारीखों में वायु प्रदूषण काफी अधिक बढ़ जाएगा ! आकाश से गिरी हुई धूल के कारण वातावरण इतना अधिक प्रदूषित होगा ! इसलिए सूर्य की किरणें बहुत धूमिल दिखाई देंगी! इस दृष्टि से विशेष अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है !
        दिसंबर के महीने में बिना मुद्दों के भी मुद्दे बना लिए जाएँगें उन्हें लेकर तरह तरह के जनांदोलन छेड़े जाएँगे !उन्माद हिंसा अपराध के अनेकों भयानक दृश्य दिखाई पड़ेंगे !निर्दयी होकर लोग अकारण एक दूसरे को चोट देने पर उतारू हो जाएँगे !आतंकवादी इस समय मरने मारने पर उतारू हो
जाएँगें ऐसी घटनाओं की अधिकता रहेगी !इसमें भी 5,6,7,8, एवं 17,18,19,20,21 तारीखों में लोग आपस में भी अकारण उलझते दिखाई देंगे !सामाजिक उन्माद एवं उत्तेजना में इस समय में विशेष अधिक बढ़ोत्तरी होगी !बाहन एवं विमान दुर्घटनाओं की दृष्टि से भी ये समय विशेष चिंतनीय होगा !अकारण अचानक छोटी छोटी बातों पर बड़ा क्रोध आ जाएगा लोग असहनशील हो जाएँगे ! सामाजिक तनाव इस समय बहुत अधिक बढ़ जाएगा छोटे छोटे विवाद थोड़ी असावधानी में बड़े बड़े रूप धारण कर लेंगे !हड़ताल ,आंदोलन आदि में कोई भीड़ कब हिंसक रूप धारण कर ले कहा नहीं जा सकता है !
    3,4,5,6,7 एवं 30,31तारीखों में मानसिक तनाव विशेष बढ़ा चढ़ा रहेगा !जो पहले से तनाव ग्रस्त हैं उनका तवाव इस समय बहुत अधिक बढ़ जाएगा !समाज के प्रत्येक व्यक्ति संयम को ऐसा समय अत्यंत संयमपूर्वक पार करना चाहिए !
     आग लगने की घटनाएँ इस महीने में कम  घटित होंगी फिर भी 1 से 29 तारीख़ तक पश्चिमी देशों और दिशाओं में ऐसी दुर्घटनाएँ अधिक देखने को मिलेंगी !इसमें 1से 6 तारीख़ तक ऐसी संभावनाएँ दक्षिण दिशा और दक्षिण भारत में भी अधिक रहेंगी !इस दृष्टि से 3,8,17,22,24,31 तारीखें विशेष अग्नि पीड़ा प्रदान करने वाली हैं !
    स्वास्थ्य की दृष्टि से नवंबर के संपूर्ण महीने में सूखीखाँसी, स्वाँसरोग,हृदयरोग,ज्वररोग,शरीर में दर्द,    गैस, उल्टी, दस्त, आँखों में जलन जैसे रोग बढ़ेंगे! 
      वर्षा संबंधी पूर्वानुमान की दृष्टि से दिसंबर के महीने की 5 तारीख़ से 31 तक पूर्वोत्तर क्षेत्र में वर्षा की संभावनाएँ बनी रहेंगी !1 से 25 तारीख तक उत्तर प्रदेश उत्तराखंड हिमाचल में वर्षा का वातावरण बना रहेगा !1 को दक्षिण भारत में 10 ,12,13 को जम्मू कश्मीर हिमाचल आदि में 15 को उत्तर भारत में ,25 को असम  अरुणाचल मेघालय आदि में वर्षा होगी !26 त्रिपुरा पश्चिम बंगाल मिजोरम 27 को छत्तीस गढ़ आंध्रप्रदेश एवं 28 , 29को केरल तमिलनाडु आदि में वर्षा की विशेष संभावनाएँ रहेंगी !

मौसम पूर्वानुमान : दिसंबर -2018

                                                           
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                प्रकृति हो या जीवन - सभी प्रकार के पूर्वानुमान 
     दिसंबर 2018 में क्या क्या होगा आप भी जानें - पहले परीक्षण करें फिर विश्वास करें !

      दिसंबर महीने में आँधी तूफानों चक्रवातों की बहुत अधिकता रहेगी ! जिनका स्वरूप अत्यंत  डरावना होगा !वायु प्रदूषण भी काफी अधिक बढ़ा रहेगा !विश्व के अनेक देश,प्रदेश,जनपद ऐसी प्राकृतिक पीड़ा से पीड़ित होंगे जिनसे जनधन हानि की संभावना है !वैसे तो ऐसे वायु संबंधी उत्पात पूरे महीने ही दिखाई पड़ते रहेंगे फिर भी 3 दिसंबर से 31 दिसंबर तक स्थान बदल बदल कर आँधी तूफान आदि की घटनाएँ घटित होंगी ! इसमें भी 7 से 16 तक एवं 20 से 31 तक वायु वेग विशेष अधिक रहेगा !
    इसमें 2 से 17 एवं 24 से 31 तारीख की अवधि में चलने वाली हवाएँ हिंसक होंगी ये जनधन की हानि करने वाली होंगी !इसमें कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाएँ घटित होंगी !प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से विशेष भयानक दिसंबर महीने की 5,6,7,8, एवं 19,20,21,22 तारीखें होंगी !इसमें भी 5,6,7,8,एवं21,22 ,23 तारीखें अधिक चिंतनीय होंगी !इन तारीखों में आँधी, तूफ़ान,चक्रवात,सुनामी , भूकंप आदि का निर्माण होगा जिससे विश्व के अनेकों देश पीड़ित होंगे !
      वायुप्रदूषण की दृष्टि से दिसंबर का संपूर्ण महीना ही विशेष डरावना होगा !उसमें भी 7,8,9,10,11 एवं 22 ,23,24 तारीखों में वायु प्रदूषण काफी अधिक बढ़ जाएगा ! आकाश से गिरी हुई धूल के कारण वातावरण इतना अधिक प्रदूषित होगा ! इसलिए सूर्य की किरणें बहुत धूमिल दिखाई देंगी! इस दृष्टि से विशेष अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है !
        दिसंबर के महीने में बिना मुद्दों के भी मुद्दे बना लिए जाएँगें उन्हें लेकर तरह तरह के जनांदोलन छेड़े जाएँगे !उन्माद हिंसा अपराध के अनेकों भयानक दृश्य दिखाई पड़ेंगे !निर्दयी होकर लोग अकारण एक दूसरे को चोट देने पर उतारू हो जाएँगे !आतंकवादी इस समय मरने मारने पर उतारू हो
जाएँगें ऐसी घटनाओं की अधिकता रहेगी !इसमें भी 5,6,7,8, एवं 17,18,19,20,21 तारीखों में लोग आपस में भी अकारण उलझते दिखाई देंगे !सामाजिक उन्माद एवं उत्तेजना में इस समय में विशेष अधिक बढ़ोत्तरी होगी !बाहन एवं विमान दुर्घटनाओं की दृष्टि से भी ये समय विशेष चिंतनीय होगा !अकारण अचानक छोटी छोटी बातों पर बड़ा क्रोध आ जाएगा लोग असहनशील हो जाएँगे ! सामाजिक तनाव इस समय बहुत अधिक बढ़ जाएगा छोटे छोटे विवाद थोड़ी असावधानी में बड़े बड़े रूप धारण कर लेंगे !हड़ताल ,आंदोलन आदि में कोई भीड़ कब हिंसक रूप धारण कर ले कहा नहीं जा सकता है !
    3,4,5,6,7 एवं 30,31तारीखों में मानसिक तनाव विशेष बढ़ा चढ़ा रहेगा !जो पहले से तनाव ग्रस्त हैं उनका तवाव इस समय बहुत अधिक बढ़ जाएगा !समाज के प्रत्येक व्यक्ति संयम को ऐसा समय अत्यंत संयमपूर्वक पार करना चाहिए !
     आग लगने की घटनाएँ इस महीने में कम  घटित होंगी फिर भी 1 से 29 तारीख़ तक पश्चिमी देशों और दिशाओं में ऐसी दुर्घटनाएँ अधिक देखने को मिलेंगी !इसमें 1से 6 तारीख़ तक ऐसी संभावनाएँ दक्षिण दिशा और दक्षिण भारत में भी अधिक रहेंगी !इस दृष्टि से 3,8,17,22,24,31 तारीखें विशेष अग्नि पीड़ा प्रदान करने वाली हैं !
    स्वास्थ्य की दृष्टि से नवंबर के संपूर्ण महीने में सूखीखाँसी, स्वाँसरोग,हृदयरोग,ज्वररोग,शरीर में दर्द,    गैस, उल्टी, दस्त, आँखों में जलन जैसे रोग बढ़ेंगे! 
      वर्षा संबंधी पूर्वानुमान की दृष्टि से दिसंबर के महीने की 5 तारीख़ से 31 तक पूर्वोत्तर क्षेत्र में वर्षा की संभावनाएँ बनी रहेंगी !1 से 25 तारीख तक उत्तर प्रदेश उत्तराखंड हिमाचल में वर्षा का वातावरण बना रहेगा !1 को दक्षिण भारत में 10 ,12,13 को जम्मू कश्मीर हिमाचल आदि में 15 को उत्तर भारत में ,25 को असम  अरुणाचल मेघालय आदि में वर्षा होगी !26 त्रिपुरा पश्चिम बंगाल मिजोरम 27 को छत्तीस गढ़ आंध्रप्रदेश एवं 28 , 29को केरल तमिलनाडु आदि में वर्षा की विशेष संभावनाएँ रहेंगी !

भूकंप:गुजरात के कच्छ जिले में 13 -11 -2018 /15.37 बजे ,तीव्रता 3.4'सन्निपातज'भूकंप !


इस भूकंप का फल -
     आकाश में बड़े बड़े काले काले गंभीर शब्द करने वाले बिजली कड़कने वाले  बादल आते रहेंगे आवश्यकता के अनुशार या उससे अधिक भी वर्षा कर सकते हैं ! बादल फटने की सम्भावना भी है । यह भूकंप इस  क्षेत्र के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री एवं वहाँ के संगठन प्रमुखों के लिए सभी प्रकार से हानिकारक है ऐसे विशिष्ट लोगों की सुरक्षा की विशेष चिंता की जानी चाहिए !
  वहाँ के लोगों के गले में मुख में रोग बढ़ते  हैं एवं कफ संबंधी रोगों से भूकंप प्रभावित समाज को कष्ट प्रदान करने वाला है !
    यही 'सन्निपातज' भूकंप के कारण राष्ट्र विरोधी कोई बड़ी समस्या तैयार होने जा रही है | जिससे यहाँ के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए संकट पैदा करने वाला समय है गुजरात सरकार  पर संकट है ! सत्ता परिवर्तन की घोषणा  करने आया है ये भूकंप !आतंकवादी लोग इस  क्षेत्र में कोई बड़ी दुर्घटना कर सकते हैं सरकार को सुरक्षा की दृष्टि से इसे अधिक सतर्कता पूर्वक लेना चाहिए अन्यथा देश के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है यह समय !23 -12 -2018  तक सुरक्षा में विशेष  सावधानी  बरती जानी चाहिए ! किसी बड़े विस्फोट की साजिश  भी इस क्षेत्र में रची जा सकती है |सावधान रहने की आवश्यकता है !

उत्तराखंड: पिथौरागढ़ और नेपाल बार्डर पर 11-11-2018 को 12.37 दिन में 'चन्द्रज' भूकंप !तीव्रता 5 .0


जानिए इस भूकंप का फल -
      इस समय भूकंप की सूचना के अनुशार इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों  में इस समय उन्माद की मात्रा घटेगी ! प्राचीन विज्ञान के हिसाब से चंद्र किरणों के प्रभाव से यह भूकंप प्रकट हुआ है इसलिए  'चन्द्रज' भूकंप होने के कारण भूकंप प्रभावित क्षेत्र में अति वर्षा और बाढ़ बर्फवारी,बादल फटने  आदि की घटनाएँ बढ़ेंगी ! भूकंप का केंद्र चंद्र से संबंधित है इसलिए जल के संपर्क में अधिक रहने वाले लोग जल जनित बीमारियों के शिकार होंगे ! इन क्षेत्रों में तालाब आदि के संपर्क में रहने वाले लोग नहाने धोने एवं पीने के पानी का भी विशेष सतर्कता से प्रयोग करें!
     कुल मिलाकर पानी के प्रदूषण से प्रदूषित वायु का स्पर्श होने से भी हो सकती हैं उल्टी दस्त एवं ज्वर जैसी अधिक दिनों तक चलने वाली कई बीमारियाँ !सरकार इनसे बचाव के लिए समय रहते यदि सचेत नहीं हो सकी तो उपर्युक्तसमय तक ये बीमारियाँ सरकार के नियंत्रण से बाहर भी जा सकती हैं !इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की क्षति होगी ।इस भूकंप का विशेष प्रभाव 21-12 -2018 तक रहेगा !किंतु जैसे जैसे समय बीतता जाएगा वैसे वैसे भूकंप का प्रभाव घटता जाएगा और भूकंप से सम्बंधित कही गई बातें भी सामान्य होती चली जाएँगी !जलजनित गैसों के प्रकोप से ये भूकम्प आया  है और उन्हीं गैसों के प्रकोप से ज्वर आदि बीमारियाँ अचानक बढ़ती चली जाएँगी !जैसे जैसे समय बीतेगा वैसे वैसे स्थिति सामान्य  होती जाएगी | पुनः  इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की बहुत बड़ी क्षति होगी । जल जनित बीमारियों से बचने के लिए नदी तालाब आदि के जलों के संपर्क में रहने से अधिक से अधिक बचने का प्रयास करें

महाराष्ट्र के पालघर में 11-11-2018 को 6.25PM,'चन्द्रज' भूकंप !तीव्रता 3.2


 
जानिए इस भूकंप का फल -
      इस समय भूकंप की सूचना के अनुशार इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों  में इस समय उन्माद की मात्रा घटेगी ! प्राचीन विज्ञान के हिसाब से चंद्र किरणों के प्रभाव से यह भूकंप प्रकट हुआ है इसलिए  'चन्द्रज' भूकंप होने के कारण भूकंप प्रभावित क्षेत्र में अति वर्षा और बाढ़ बर्फवारी,बादल फटने  आदि की घटनाएँ बढ़ेंगी ! भूकंप का केंद्र चंद्र से संबंधित है इसलिए जल के संपर्क में अधिक रहने वाले लोग जल जनित बीमारियों के शिकार होंगे ! इन क्षेत्रों में तालाब आदि के संपर्क में रहने वाले लोग नहाने धोने एवं पीने के पानी का भी विशेष सतर्कता से प्रयोग करें!
     कुल मिलाकर पानी के प्रदूषण से प्रदूषित वायु का स्पर्श होने से भी हो सकती हैं उल्टी दस्त एवं ज्वर जैसी अधिक दिनों तक चलने वाली कई बीमारियाँ !सरकार इनसे बचाव के लिए समय रहते यदि सचेत नहीं हो सकी तो उपर्युक्तसमय तक ये बीमारियाँ सरकार के नियंत्रण से बाहर भी जा सकती हैं !इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की क्षति होगी ।इस भूकंप का विशेष प्रभाव 21-12 -2018 तक रहेगा !किंतु जैसे जैसे समय बीतता जाएगा वैसे वैसे भूकंप का प्रभाव घटता जाएगा और भूकंप से सम्बंधित कही गई बातें भी सामान्य होती चली जाएँगी !जलजनित गैसों के प्रकोप से ये भूकम्प आया  है और उन्हीं गैसों के प्रकोप से ज्वर आदि बीमारियाँ अचानक बढ़ती चली जाएँगी !जैसे जैसे समय बीतेगा वैसे वैसे स्थिति सामान्य  होती जाएगी | पुनः  इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की बहुत बड़ी क्षति होगी । जल जनित बीमारियों से बचने के लिए नदी तालाब आदि के जलों के संपर्क में रहने से अधिक से अधिक बचने का प्रयास करें

भूकंप -मिजोरम के चंपाई में 10 -11 -2018 /22.45 बजे ,तीव्रता 5.3'सन्निपातज'भूकंप !

इस भूकंप का फल - 

     आकाश में बड़े बड़े काले काले गंभीर शब्द करने वाले बिजली कड़कने वाले  बादल आते रहेंगे आवश्यकता के अनुशार या उससे अधिक भी वर्षा कर सकते हैं ! बादल फटने की सम्भावना भी है । यह भूकंप इस  क्षेत्र के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री एवं वहाँ के संगठन प्रमुखों के लिए सभी प्रकार से हानिकारक है ऐसे विशिष्ट लोगों की सुरक्षा की विशेष चिंता की जानी चाहिए !

  वहाँ के लोगों के गले में मुख में रोग बढ़ते  हैं एवं कफ संबंधी रोगों से भूकंप प्रभावित समाज को कष्ट प्रदान करने वाला है !
    यही 'सन्निपातज' भूकंप के कारण राष्ट्र विरोधी कोई बड़ी समस्या तैयार होने जा रही है | जिससे यहाँ के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए संकट पैदा करने वाला समय है मिजोरम सरकार  पर संकट है ! सत्ता परिवर्तन की घोषणा  के लिए समस्या पैदा करने आया है ये भूकंप !आतंकवादी लोग इस  क्षेत्र में कोई बड़ी दुर्घटना कर सकते हैं सरकार को सुरक्षा की दृष्टि से इसे अधिक सतर्कता पूर्वक लेना चाहिए अन्यथा देश के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है यह समय !20 -12 -2018  तक सुरक्षा में विशेष  सावधानी  बरती जानी चाहिए ! किसी बड़े विस्फोट की साजिश  भी इस क्षेत्र में रची जा सकती है |सावधान रहने की आवश्यकता है !

भूकंप :मणिपुर में 7-11-2018 को 4.20 AM पर 'वातज' भूकंप !तीव्रता 4.1

मणिपुर में बुधवार को तड़के 4.1 की मामूली तीव्रता वाला भूकंप आया। भारतीय मौसम विज्ञान ने बताया कि तड़के चार बजकर 20 मिनट पर भूकंप आया। इसका केंद्र चंदेल जिले में जमीन से 49 किलोमीटर की गहराई में था। 

इस भूकंप का फल - 

      इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में अब अचानक पागलपन सवार होगा ,उन्माद आतंकवाद आदि उपद्रवों में जन भागीदारी देखने को मिलने लगेगी |सरकार को विशेष सावधानी वर्तनी चाहिए ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के आकाश में तेजी से वायु प्रदूषण फैलेगा !धुआँ धुँआ सा दिखाई पड़ने लगेगा !तेज हवाएँ चलेंगी !  आँधी तूफान का प्रकोप बढ़ेगा ! सूर्य की किरणें भी धूमिल दिखेंगी अनाज, जल और औषधियों का नाश होगा !   शरीरों में सूजन ,दमा एवं खाँसी से उत्पन्न पीड़ा बढ़ने  लगेगी  ।ज्वर रोग तथा सामूहिक पागलपन की परेशानियाँ बढ़ेंगी इस क्षेत्र के अच्छे खासे शिक्षित और समझदार लोग भी न केवल पागलों जैसी दलीलें देते दिखेंगे अपितु उपद्रवी गतिविधियों में सम्मिलित होने में भी गर्व महसूस  करेंगे ।

  डॉक्टरों ,सैनिकों, महिलाओं नाचने गाने वालों ,फिल्मी कलाकारों एवं कारीगरों और व्यापार करने वाले लोगों पर विशेष भारी है ये भूकंप !ऐसे भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में दिमागी चक्कर आने की बीमारियाँ बढ़ती हैं अचानक ऐसा गुस्सा आता है कि मरने मारने को उतारू हो जाते हैं इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों के लोग !
      साँस फूलने संबंधी बीमारियाँ भयंकर रूप लेती जाती हैं इस भूकंप का प्रभाव तो 200 दिनों का होता है किंतु जैसे जैसे समय बीतता है वैसे वैसे घटता चला जाता है तब भी 17 -12 -2018 तक का समय विशेष भारी होगा इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र को तब तक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ साथ आतंकवादी समस्याओं से भी विशेष सावधान रहना होगा !सामाजिक दंगे न बढ़ने पाएँ ध्यान रखा जाना चाहिए इस भूकंप का आना इस क्षेत्र में किसी बड़े तनाव को तैयार करने का कारण बन सकता है !भारत और बंगलादेश के संबंधों में दरार आ सकती ेव उत्तेजना फ़ैल सकती है  !

मौसम पूर्वानुमान : नवंबर- 2018

                                                            
                                                            Forecasting- All   
                प्रकृति हो या जीवन - सभी प्रकार के पूर्वानुमान 
     नवंबर 2018 में क्या क्या होगा आप भी जानें - पहले परीक्षण करें फिर विश्वास करें !

      नवंबर के संपूर्ण महीने में आँधी तूफानों चक्रवातों की बहुत अधिकता रहेगी !जिनका स्वरूप अत्यंत भयानक एवं काफीअधिक डरावना होगा !संभव है कि प्रकृति का ऐसा भयानक स्वरूप जो नवंबर 2018 में दिखाई पड़े वो पिछले कई दशकों में विश्व ने न देखा हो !विश्व के अनेक देश,प्रदेश,जनपद इस पीड़ा से पीड़ित होंगे जिनसे भारी जनधन हानि की संभावना है !वैसे तो ऐसे उत्पात पूरे महीने ही दिखाई पड़ते रहेंगे फिर भी विशेष भयानक समय 7, 8,9,10,11 एवं 21,22,23,24,25 नवंबर की तारीखें होंगी !इन में आँधी, तूफ़ान,चक्रवात भूकंप आदि की बहुलता रहेगी !अग्निभय की घटनाएँ भी इस महीने में विशेष रूप से घटित होंगी !
    भूकंप और सुनामी जैसी भयानक आपदाएँ भी इस महीने में अधिक घटित होंगी इसका निशाना विश्व का कोई भी देश या प्रदेश आदि बन सकता है कई देश भी हो सकते हैं !इस दृष्टि से सावधान रहने के लिए नवंबर महीने की 6,7,8एवं 22,23,24 ये प्रमुख  तारीखें हैं !
    वायुप्रदूषण की दृष्टि से संपूर्ण महीना ही विशेष डरावना होगा !वायु प्रदूषण के कारण कई दशकों के रिकार्ड टूटेंगे इसका स्वरूप इतना अधिक डरावना होगा आकाश से गिरी हुई धूल से वातावरण इतना अधिक प्रदूषित होगा !इसलिए सूर्य की किरणें बहुत धूमिल दिखाई देंगी! इस दृष्टि से विशेष अधिक सावधान रहने के लिए नवंबर महीने की 9,10,11,12,13,14,23,24,25,26 की तारीखें होंगी!
     अग्निप्रकोप से भी कुछ क्षेत्रों में बड़ा नुक्सान होगा !विश्व की दक्षिण पश्चिम दिशा का मध्य भाग इस दृष्टि से विशेष अधिक पीड़ित रहेगा !भारत में महाराष्ट्र , केरल ,कर्णाटक,तमिलनाडु,गुजरात जैसे प्रदेश इसके बड़े शिकार होंगे !इससे वातावरण में गर्मी एवं इस क्षेत्र में जमीन  के अंदर का जल तेजी से घटेगा जिससे नदी कुएँ तालाब आदि तेजी से सूखते चले जाएँगे !6 तारीख को केरल तमिलनाडु,एवं 11 तारीख को गुजरात राजस्थान में 20 तारीख को अरुणाचल  सिक्किम आदि में 25 को मध्यप्रदेश राजस्थान आदि में अग्नि प्रकोप की विशेष अधिक संभावनाएँ हैं   इस क्षेत्र में अग्नि प्रकोप एवं भूकंप आने की संभावना 2,3,6,7,8,11,18,20,22,23  और 25 तारीखों में रहेगी !
     वर्षा संबंधी पूर्वानुमान की दृष्टि से नवंबर के महीने में संभावनाएँ कमजोर रहेंगी फिर भी कुछ देशों या क्षेत्रों में घटित होने वाले चक्रवातों में वर्षा अधिक होगी !एवं कुछ क्षेत्रों में वैसे भी वर्षा होने की संभावनाएँ हैं ! जिसमेंउत्तरप्रदेश उत्तराखंड हिमाचलप्रदेश जम्मू कश्मीर दिल्ली तथा पूर्व में अरुणाचलप्रदेश,असम,सिक्किम ,मेघालय आदि क्षेत्रों में वर्षा की संभावनाएँ अधिक हैं !
   1 तारीख से 10 दिनों तक जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख के क्षेत्र में अधिक बारिस की संभावना है जिसमें पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है !1 और 2 तारीखों में त्रिपुरा मणिपुर पश्चिम बंगाल छत्तीस गढ़ आदि क्षेत्रों में विशेष वर्षा की संभावना है !13 तारीख़ को जम्मू कश्मीर हिमाचल आदि क्षेत्रों समेत कई अन्य प्रदेशों में  वर्षा होगी 14,15,16,  17तारीखों में इन्हीं क्षेत्रों में अधिक वर्षा होगी !27,28  को असम ,सिक्किम, मेघालय में वर्षा की विशेष संभावनाएँ हैं !29 और 30 तरीखों में त्रिपुरा मणिपुर पश्चिम बंगाल छत्तीस गढ़ आदि क्षेत्रों में  वर्षा की अधिक संभावना है !इसके अलावा 20 से 30 तारीख तक सामान्य वर्षा की संभावनाएँ बनती रहेंगी !
    17 नवंबर से 30 नवम्बर तक पाला गिरने का समय है इसलिए इस समय उत्तरभारत में सर्दी अधिक बढ़ जाएगी !
      स्वास्थ्य की दृष्टि से नवंबर के संपूर्ण महीने में सूखीखाँसी, स्वाँसरोग,हृदयरोग,ज्वररोग,शरीर में दर्द,    गैस, उल्टी, दस्त, आँखों में जलन जैसे रोग बढ़ेंगे! नवंबर महीने की 5,7,12,14,19,21,26,28 तारीखों में ने नए रोग पैदा होंगे जिन्हें रोग हैं वो इस समय में और अधिक बढ़ेंगे !जिनका स्वास्थ्य बहुत अधिक ख़राब है उनके लिए ये तारीखें बहुत अधिक सावधान रहने की हैं !       
    5 नवंबर से 11 नवम्बर तक मानसिक स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहेगा ! भय ,तनाव, चिंता, घबड़ाहट रहेगी !स्वजनों से संबंध बिगड़ेंगे !इस समय आपसी बात व्यवहार में अनेकों प्रकार की उलझनें पैदा होंगी !इसके अलावा उन्माद की भावना तो संपूर्ण महीने में ही बनी रहेगी !अकारण अचानक छोटी छोटी बातों पर बड़ा क्रोध आ जाएगा लोग असहनशील हो जाएँगे !
      सामाजिक तनाव इस समय बहुत अधिक बढ़ जाएगा छोटे छोटे विवाद थोड़ी असावधानी में बड़े बड़े रूप धारण कर लेंगे !हड़ताल ,आंदोलन आदि कहना कठिन होगा !कोई भीड़ कब हिंसक रूप धारण कर ले कहा नहीं जा सकता है !
       आतंकी लोग इस महीने अधिक अप्रिय वारदातों को अंजाम देंगे !सीमाओं पर विशेष सतर्कता वरती जानी आवश्यक है !
                                                                             












भूकंप - जम्मू-कश्मीर में 29-10-2018 को 20.13बजे तीव्रता 5 .3 'चन्द्रज' भूकंप !

इस भूकंप का केंद्र लेह-लद्दाख रहा है। वहीं  भूकंप के झटके मनाली, अनंतनाग और श्रीनगर सहित जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए।   
जानिए इस भूकंप का फल -
      इस समय भूकंप की सूचना के अनुशार इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों  में इस समय उन्माद की मात्रा घटेगी ! प्राचीन विज्ञान के हिसाब से चंद्र किरणों के प्रभाव से यह भूकंप प्रकट हुआ है इसलिए  'चन्द्रज' भूकंप होने के कारण भूकंप प्रभावित क्षेत्र में अति वर्षा और बाढ़ बर्फवारी आदि की घटनाएँ बढ़ेंगी ! भूकंप का केंद्र चंद्र से संबंधित है इसलिए जल के संपर्क में अधिक रहने वाले लोग जल जनित बीमारियों के शिकार होंगे ! इन क्षेत्रों में तालाब आदि के संपर्क में रहने वाले लोग नहाने धोने एवं पीने के पानी का भी विशेष सतर्कता से प्रयोग करें!
     कुल मिलाकर पानी के प्रदूषण से प्रदूषित वायु का स्पर्श होने से भी हो सकती हैं उल्टी दस्त एवं ज्वर जैसी अधिक दिनों तक चलने वाली कई बीमारियाँ !सरकार इनसे बचाव के लिए समय रहते यदि सचेत नहीं हो सकी तो उपर्युक्तसमय तक ये बीमारियाँ सरकार के नियंत्रण से बाहर भी जा सकती हैं !इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की क्षति होगी ।इस भूकंप का विशेष प्रभाव 7-12 -2018 तक रहेगा !किंतु जैसे जैसे समय बीतता जाएगा वैसे वैसे भूकंप का प्रभाव घटता जाएगा और भूकंप से सम्बंधित कही गई बातें भी सामान्य होती चली जाएँगी !जलजनित गैसों के प्रकोप से ये भूकम्प आया  है और उन्हीं गैसों के प्रकोप से ज्वर आदि बीमारियाँ अचानक बढ़ती चली जाएँगी !जैसे जैसे समय बीतेगा वैसे वैसे स्थिति सामान्य  होती जाएगी | पुनः  इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की बहुत बड़ी क्षति होगी । जल जनित बीमारियों से बचने के लिए नदी तालाब आदि के जलों के संपर्क में रहने से अधिक से अधिक बचने का प्रयास करें

वायु प्रदूषण अक्टूबर नवंबर ! -2018

       10 अक्टूबर 2018 से लेकर 30 नवंबर 2018 तक लगभग 50 दिन का समय सारे विश्व के लिए ही अच्छा नहीं है !ये समय जैसे जैसे आगे बढ़ता जाएगा वैसे ही वैसे इस समय का दुष्प्रभाव उत्तरोत्तर क्रमशः और अधिक बढ़ता जाएगा !इसमें प्राकृतिक आपदाएँ हों या मनुष्यकृत लापरवाही उत्तेजना उन्माद आदि का अशुभ असर  इस समय विशेष अधिक होगा !

 आँधी तूफान चक्रवात भूकंप आदि से जनधन हानि होगी !आतंकवादी घटनाएँ बढ़ेंगी,आंदोलनों के नाम पर फैलाया जाने वाला जन उन्माद इस समय अतिशीघ्र हिंसक रूप ले जाएगा इसलिए सावधानी और संयम का ध्यान विशेष अधिक रखा जाना चाहिए !वायु प्रदूषण सीमा से काफी अधिक बढ़ जाएगा !स्वाँस,सूखी खाँसी की समस्याएँ काफी अधिक बढ़ जाएँगी !घबड़ाहट बेचैनी कमजोरी चक्कर आने जैसे रोगों से भय फैलेगा !इस समय थोड़ा सा विवाद भी बहुत बड़े संघर्ष का स्वरूप धारण कर सकता है !यद्यपि ऐसी घटनाएँ इस समय में सारे विश्व में घटित होंगी !


      सन 2018 के अक्टूबर महीने की 24, 25, 26, 27, 28 तारीखों में चक्रवात उठेंगे सुनामी और भूकंप जैसी घटनाएँ घटित हो सकती हैं !इसमें भी 25,26,27 तारीखों में आँधी तूफ़ानों जैसी प्राकृतिक आपदाएँ अधिक जोर पकड़ेंगी !29,30 और 31 आदि तारीखों में वायु प्रदूषण की मात्रा भी काफी अधिक बढ़ जाएगी !आकाश से गिरने वाली धूल से वातावरण धूलि धूसरित दिखेगा!


 नवंबर महीने में आँधी तूफ़ान जैसी प्राकृतिक आपदाएँ एवं चक्रवात सुनामी भूकंप जैसी घटनाएँ कुछ देशों को बिचलित कर सकती हैं इनका वेग और आवृत्तियाँ अधिक होंगी !सतर्क सरकारों के द्वारा बचाव कार्यों के लिए किए जाने वाले अधिकतम प्रयास भी जन धन की हानि रोक पाने में अक्षम होंगे !6 नवंबर 2018 के बाद प्राकृतिक आपदाओं की विकरालता दिनोंदिन और अधिक बढ़ती चली जाएगी !विशेषकर 6 ,7,8,9,10 नवंबर में आँधी तूफ़ान ,चक्रवात ,बज्रपात एवं भूकंप जैसी घटनाओं की काफी अधिकता रहेगी !बृहस्पति ग्रह से गिरी हुई आकाशीय धूल के कारण  वायुप्रदूषण भी इस समय बहुत बढ़ा रहेगा !इन तारीखों के अलावा नवंबर महीने की ही 20,21,22,23,24 तारीखें आँधी तूफानों ,चक्रवातों,बज्रपातों एवं भूकंप जैसी बड़ी प्राकृतिक आपदाओं से विश्व के अनेकों देशों को अत्यंत पीड़ित करेंगे !इससे जनधन की बड़ी हानि हो सकती है !