भूकंप -कांगड़ा में 27 -7 -2018 /1.42 PM बजे ,तीव्रता3.8'सन्निपातज'भूकंप !

    हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश के बीच शुक्रवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये! 

इस भूकंप का फल - 

     आकाश में बड़े बड़े काले काले गंभीर शब्द करने वाले बिजली कड़कने वाले  बादल आते रहेंगे आवश्यकता के अनुशार या उससे अधिक भी वर्षा कर सकते हैं ! बादल फटने की सम्भावना भी है । यह भूकंप इस  क्षेत्र के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री एवं वहाँ के संगठन प्रमुखों के लिए सभी प्रकार से हानिकारक है ऐसे विशिष्ट लोगों की सुरक्षा की विशेष चिंता की जानी चाहिए !

  वहाँ के लोगों के गले में मुख में रोग बढ़ते  हैं एवं कफ संबंधी रोगों से भूकंप प्रभावित समाज को कष्ट प्रदान करने वाला है !
    यही 'सन्निपातज' भूकंप के कारण राष्ट्र विरोधी कोई बड़ी समस्या तैयार होने जा रही है | जिससे यहाँ के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए संकट पैदा करने वाला समय है नेपाल में सरकार बदलने या सरकार के लिए संकट पैदा  करने आया है ये भूकंप !  वहाँ जिस दल की अभी सरकार है उस पर संकट है !स्थिति यही रही तो चुनावों के बाद उस दल के हाथ में नहीं रहेगी सत्ता की वागडोर !अर्थात सत्ता परिवर्तन की घोषणा  के लिए समस्या पैदा करने आया है ये भूकंप !आतंकवादी लोग इस  क्षेत्र में कोई बड़ी दुर्घटना कर सकते हैं सरकार को सुरक्षा की दृष्टि से इसे अधिक सतर्कता पूर्वक लेना चाहिए अन्यथा देश के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है यह समय !15 -9 -2018  तक सुरक्षा में विशेष  सावधानी  बरती जानी चाहिए ! किसी बड़े विस्फोट की साजिश  भी इस क्षेत्र में रची जा सकती है |सावधान रहने की आवश्यकता है !

भूकंप :तमिलनाडु में 22-7-2018 को 8.00 AM में आया 'सूर्यजभूकंप' तीव्रता 3.3

हल्का भूकंप होने के कारन ये प्रभाव भी हल्के ही होंगे !
क्या है इस भूकम्प का फल -
    इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
     यहाँ सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी !यहाँ तक कि भारत पाक की सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को तुरंत विशेष सतर्क कर दिया जाना चाहिए !   अभी तक तो केवल आतंकवादी ही थे अब तो कश्मीर  में रहने वाले स्थानीय लोग भी विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !     
    इस क्षेत्र में पाक सीमा पर लगी भारतीय सेनाओं को तुरंत सावधान कर दिया जाना चाहिए क्योंकि पकिस्तान उनके विरुद्ध कभी भी कोई भी कितनी भी बड़ी कायराना वारदात को अंजाम दे सकता है !इसलिए सैनिकों के बहुमूल्य जीवन की सुरक्षा जितने प्रकारों से की जा सकती हो वो सभी तत्काल प्रयोग में लाए जाने चाहिए जिससे सैनिकों की सुरक्षा अधिक से अधिक सुनिश्चित की जा सके एवं आतंकवादी घटनाओं से देश की रक्षा की जा सके !इसके अलावा देश के अंदर भी भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में संभावित तनाव को रोकने के लिए भी प्रभावी प्रयास करने चाहिए !अगले 50 दिनों तक विशेष सावधानी वर्तनी होगी !     
    'सूर्यज' भूकंप का प्रभाव अगले कम से कम 50 दिनों तक अवश्य रहेगा किंतु जैसे जैसे समय ब्यतीत होता चला जाएगा वैसे वैसे इस भूकंप का असर भी घटता चला जाएगा !ऊपर जो दोष दुर्गुण आदि बताए गए हैं वो 7-9-2018 तक विशेष प्रभावी रहेंगे !धीरे धीरे ही प्रभाव घटता चला जाएगा !
     चूँकि अभी तुरंत भूकंप घटित हुआ है इसलिए इसका असर पृथ्वी पर अभी सौ प्रतिशत है इससे प्रभावित क्षेत्र अगले कम से कम 90 दिनों तक कई ऐसी समस्याओं से जूझेगा ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र का पानी बहुत तेजी से सुखा देगा ये भूकंप !इस क्षेत्र में वर्षा की संभावनाएँ 7-9   -2018 तक  अत्यंत कमजोर रहेंगी !गर्मी का प्रकोप इस क्षेत्र की प्रकृति को बदल देगा !
   इस भूकंप के कारण गर्मी इतनी अधिक बढ़ जाएगी कि नदियों कुओं तालाबों आदि का जलस्तर तेजी से घटता चला जाएगा !पाताल तक की जलराशि का अत्यधिक मात्रा में अतिशीघ्र शोषण कर लेगा ये भूकंप !
   जिससे जल संकट बहुत तेजी से बढ़ता चला जाएगा !सरकार को इस क्षेत्र में विशेष सतर्कता पूर्वक जल आपूर्ति के यथा संभव तुरंत पूरक उपाय अभी से शुरू कर देने चाहिए !अन्यथा देर हो जाएगी !
    वर्तमान वायु में शोषण का गुण विशेष बढ़ जाने से कृषि के क्षेत्र में इस समय होने वाली फसलों पर इसका असर विशेष अधिक पड़ेगा !आनाज की उपज की मात्रा काफी अधिक घट जाएगी !तैयार अनाज पकने की अपेक्षा बहुत तेजी से सूखते चले जाएँगे जिससे पैदावार आशा की अपेक्षा बहुत कम रह जाएगी !
   संभावित जल संकट के कारण इस फसल में होने वाली सब्जियों की पैदावार पर बहुत अधिक बिपरीत असर पड़ेगा !और खाद्य पदार्थों के संकट से निपटने के लिए सरकार अत्यंत शीघ्र सतर्क होकर प्रयास करना प्रारंभ कर दे !
     इस भूकंप के दुष्प्रभाव से दूसरी बड़ी समस्या ये पैदा होगी कि इस भूकंपीय क्षेत्र में अग्नि सम्बन्धी समस्याएँ बहुत शीघ्र बहुत अधिक बढ़ जाएँगी क्योंकि इस समय भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के वायुमण्डल में व्याप्त है अग्नि !इसलिए अग्नि से सामान्य वायु भी इस समय ज्वलन शील गैस जैसे गुणों से युक्त होकर विचरण कर रही है जिसके प्रभाव से इस क्षेत्र में कभी भी कहीं भी कितनी भी भीषण आग लगने की घटनाएँ घटित हो सकती हैं इससे जनता को सतर्क किया जाना चाहिए !थोड़ी सी भी असावधानी विशेष घातक होगी !इसलिए सरकार के द्वारा अग्निशमन सेवाओं को बिल्कुल चुस्त दुरुस्त करके तैयारकर दिया जाना चाहिए !
    स्वास्थ्य की दृष्टि से इस भूकंप के दुष्प्रभाव से पित्त अर्थात गर्मी संबंधित रोग विशेष रूप से पनपेंगे !शरीर में जलन की बीमारियाँ बढ़ेंगी तरह तरह के ज्वर फैलेंगे बिचर्चिका और बिसर्पिका जैसी त्वचा सम्बन्धी बीमारियाँ नेत्र में जलन रोग एवं पीलिया जैसे रोगों के निकट भविष्य में विशेष बढ़ने की सम्भावना है !इस दृष्टि से सरकार को विशेष चिकित्सकीय सतर्कता बरतनी चाहिए !
    'सूर्यज' भूकंप होने के कारण इस तापमान का असर केवल प्रकृति और स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं रहेगा अपितु  इस समय स्थापित सरकारों में बैठे लोगों के लिए ये सबसे अधिक सावधान रहने का समय है क्योंकि इस समय इस भूकंप के प्रभाव से तमाम प्रकार की इतनी अधिक समस्याएँ पैदा हो जाएँगी जिनसे अत्यधिक प्रयास पूर्वक निपटने के बाद भी जनता के असंतोष को कम कर पाना अत्यंत कठिन होगा !जिसके दुष्परिणाम स्थापित सरकारों की छवि बिगाड़ सकते हैं !जिसकी भरपाई कर पाना निकट भविष्य में अत्यंत कठिन होगा !

भूकंप :जयपुर में 8-7-2018 को 9.43AM में आया 'सूर्यजभूकंप' तीव्रता 4.3

क्या है इस भूकम्प का फल -
    इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
     यहाँ सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी !यहाँ तक कि भारत पाक की सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को तुरंत विशेष सतर्क कर दिया जाना चाहिए !   अभी तक तो केवल आतंकवादी ही थे अब तो कश्मीर  में रहने वाले स्थानीय लोग भी विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !     
    इस क्षेत्र में पाक सीमा पर लगी भारतीय सेनाओं को तुरंत सावधान कर दिया जाना चाहिए क्योंकि पकिस्तान उनके विरुद्ध कभी भी कोई भी कितनी भी बड़ी कायराना वारदात को अंजाम दे सकता है !इसलिए सैनिकों के बहुमूल्य जीवन की सुरक्षा जितने प्रकारों से की जा सकती हो वो सभी तत्काल प्रयोग में लाए जाने चाहिए जिससे सैनिकों की सुरक्षा अधिक से अधिक सुनिश्चित की जा सके एवं आतंकवादी घटनाओं से देश की रक्षा की जा सके !इसके अलावा देश के अंदर भी भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में संभावित तनाव को रोकने के लिए भी प्रभावी प्रयास करने चाहिए !अगले 50 दिनों तक विशेष सावधानी वर्तनी होगी !     
    'सूर्यज' भूकंप का प्रभाव अगले कम से कम 50 दिनों तक अवश्य रहेगा किंतु जैसे जैसे समय ब्यतीत होता चला जाएगा वैसे वैसे इस भूकंप का असर भी घटता चला जाएगा !ऊपर जो दोष दुर्गुण आदि बताए गए हैं वो 23-8-2018 तक विशेष प्रभावी रहेंगे !धीरे धीरे ही प्रभाव घटता चला जाएगा !
     चूँकि अभी तुरंत भूकंप घटित हुआ है इसलिए इसका असर पृथ्वी पर अभी सौ प्रतिशत है इससे प्रभावित क्षेत्र अगले कम से कम 90 दिनों तक कई ऐसी समस्याओं से जूझेगा ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र का पानी बहुत तेजी से सुखा देगा ये भूकंप !इस क्षेत्र में वर्षा की संभावनाएँ 23-8  -2018 तक  अत्यंत कमजोर रहेंगी !गर्मी का प्रकोप इस क्षेत्र की प्रकृति को बदल देगा !
   इस भूकंप के कारण गर्मी इतनी अधिक बढ़ जाएगी कि नदियों कुओं तालाबों आदि का जलस्तर तेजी से घटता चला जाएगा !पाताल तक की जलराशि का अत्यधिक मात्रा में अतिशीघ्र शोषण कर लेगा ये भूकंप !
   जिससे जल संकट बहुत तेजी से बढ़ता चला जाएगा !सरकार को इस क्षेत्र में विशेष सतर्कता पूर्वक जल आपूर्ति के यथा संभव तुरंत पूरक उपाय अभी से शुरू कर देने चाहिए !अन्यथा देर हो जाएगी !
    वर्तमान वायु में शोषण का गुण विशेष बढ़ जाने से कृषि के क्षेत्र में इस समय होने वाली फसलों पर इसका असर विशेष अधिक पड़ेगा !आनाज की उपज की मात्रा काफी अधिक घट जाएगी !तैयार अनाज पकने की अपेक्षा बहुत तेजी से सूखते चले जाएँगे जिससे पैदावार आशा की अपेक्षा बहुत कम रह जाएगी !
   संभावित जल संकट के कारण इस फसल में होने वाली सब्जियों की पैदावार पर बहुत अधिक बिपरीत असर पड़ेगा !और खाद्य पदार्थों के संकट से निपटने के लिए सरकार अत्यंत शीघ्र सतर्क होकर प्रयास करना प्रारंभ कर दे !
     इस भूकंप के दुष्प्रभाव से दूसरी बड़ी समस्या ये पैदा होगी कि इस भूकंपीय क्षेत्र में अग्नि सम्बन्धी समस्याएँ बहुत शीघ्र बहुत अधिक बढ़ जाएँगी क्योंकि इस समय भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के वायुमण्डल में व्याप्त है अग्नि !इसलिए अग्नि से सामान्य वायु भी इस समय ज्वलन शील गैस जैसे गुणों से युक्त होकर विचरण कर रही है जिसके प्रभाव से इस क्षेत्र में कभी भी कहीं भी कितनी भी भीषण आग लगने की घटनाएँ घटित हो सकती हैं इससे जनता को सतर्क किया जाना चाहिए !थोड़ी सी भी असावधानी विशेष घातक होगी !इसलिए सरकार के द्वारा अग्निशमन सेवाओं को बिल्कुल चुस्त दुरुस्त करके तैयारकर दिया जाना चाहिए !
    स्वास्थ्य की दृष्टि से इस भूकंप के दुष्प्रभाव से पित्त अर्थात गर्मी संबंधित रोग विशेष रूप से पनपेंगे !शरीर में जलन की बीमारियाँ बढ़ेंगी तरह तरह के ज्वर फैलेंगे बिचर्चिका और बिसर्पिका जैसी त्वचा सम्बन्धी बीमारियाँ नेत्र में जलन रोग एवं पीलिया जैसे रोगों के निकट भविष्य में विशेष बढ़ने की सम्भावना है !इस दृष्टि से सरकार को विशेष चिकित्सकीय सतर्कता बरतनी चाहिए !
    'सूर्यज' भूकंप होने के कारण इस तापमान का असर केवल प्रकृति और स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं रहेगा अपितु  इस समय स्थापित सरकारों में बैठे लोगों के लिए ये सबसे अधिक सावधान रहने का समय है क्योंकि इस समय इस भूकंप के प्रभाव से तमाम प्रकार की इतनी अधिक समस्याएँ पैदा हो जाएँगी जिनसे अत्यधिक प्रयास पूर्वक निपटने के बाद भी जनता के असंतोष को कम कर पाना अत्यंत कठिन होगा !जिसके दुष्परिणाम स्थापित सरकारों की छवि बिगाड़ सकते हैं !जिसकी भरपाई कर पाना निकट भविष्य में अत्यंत कठिन होगा !

भूकंप -दिल्ली में 3-7-2018 को 3.47AM तीव्रता 2.8 'चन्द्रज' भूकंप !

भूकंप का केंद्र इस बार भी सोनीपत ही था !

जानिए इस भूकंप का फल -
      इस समय भूकंप की सूचना के अनुशार इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों  में इस समय उन्माद की मात्रा घटेगी ! प्राचीन विज्ञान के हिसाब से चंद्र किरणों के प्रभाव से यह भूकंप प्रकट हुआ है इसलिए  'चन्द्रज' भूकंप होने के कारण इसमें अति वर्षा और बाढ़  आदि की घटनाएँ बढ़ेंगी ! भूकंप का केंद्र चंद्र से संबंधित है इसलिए जल के संपर्क में अधिक रहने वाले लोग जल जनित बीमारियों के शिकार होंगे !   इन क्षेत्रों में तालाब आदि के संपर्क में रहने वाले लोग नहाने धोने एवं पीने के पानी का भी विशेष सतर्कता से प्रयोग करें!
     कुल मिलाकर पानी के प्रदूषण से प्रदूषित वायु का स्पर्श होने से भी हो सकती हैं उल्टी दस्त एवं ज्वर जैसी अधिक दिनों तक चलने वाली कई बीमारियाँ !सरकार इनसे बचाव के लिए समय रहते यदि सचेत नहीं हो सकी तो उपर्युक्तसमय तक ये बीमारियाँ सरकार के नियंत्रण से बाहर भी जा सकती हैं !इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की क्षति होगी ।इस भूकंप का विशेष प्रभाव 18-8-2018 तक रहेगा !किंतु जैसे जैसे समय बीतता जाएगा वैसे वैसे भूकंप का प्रभाव घटता जाएगा और भूकंप से सम्बंधित कही गई बातें भी सामान्य होती चली जाएँगी !जलजनित गैसों के प्रकोप से ये भूकम्प आया  है और उन्हीं गैसों के प्रकोप से ज्वर आदि बीमारियाँ अचानक बढ़ती चली जाएँगी !जैसे जैसे समय बीतेगा वैसे वैसे स्थिति सामान्य  होती जाएगी | पुनः  इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की बहुत बड़ी क्षति होगी । जल जनित बीमारियों से बचने के लिए नदी तालाब आदि के जलों के संपर्क में रहने से अधिक से अधिक बचने का प्रयास करें

भूकंप -हरियाणा दिल्ली में 1 -7 -2018 /3.37 PM बजे ,तीव्रता4.0'सन्निपातज'भूकंप !

      भूकंप का केंद्र दिल्ली से लगा हुआ हरियाणाका क्षेत्र है !

इस भूकंप का फल - 
     आकाश में बड़े बड़े काले काले गंभीर शब्द करने वाले बिजली कड़कने वाले  बादल आते रहेंगे आवश्यकता के अनुशार या उससे अधिक भी वर्षा कर सकते हैं ! बादल फटने की सम्भावना भी है । यह भूकंप इस  क्षेत्र के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री एवं वहाँ के संगठन प्रमुखों के लिए सभी प्रकार से हानिकारक है ऐसे विशिष्ट लोगों की सुरक्षा की विशेष चिंता की जानी चाहिए !
  वहाँ के लोगों के गले में मुख में रोग बढ़ते  हैं एवं कफ संबंधी रोगों से भूकंप प्रभावित समाज को कष्ट प्रदान करने वाला है !
    यही 'सन्निपातज' भूकंप के कारण राष्ट्र विरोधी कोई बड़ी समस्या तैयार होने जा रही है | जिससे यहाँ के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए संकट पैदा करने वाला समय है नेपाल में सरकार बदलने या सरकार के लिए संकट पैदा  करने आया है ये भूकंप !  वहाँ जिस दल की अभी सरकार है उस पर संकट है !स्थिति यही रही तो चुनावों के बाद उस दल के हाथ में नहीं रहेगी सत्ता की वागडोर !अर्थात सत्ता परिवर्तन की घोषणा  के लिए समस्या पैदा करने आया है ये भूकंप !आतंकवादी लोग इस  क्षेत्र में कोई बड़ी दुर्घटना कर सकते हैं सरकार को सुरक्षा की दृष्टि से इसे अधिक सतर्कता पूर्वक लेना चाहिए अन्यथा देश के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है यह समय !25 -7 -2018  तक सुरक्षा में विशेष  सावधानी  बरती जानी चाहिए ! किसी बड़े विस्फोट की साजिश  भी इस क्षेत्र में रची जा सकती है |सावधान रहने की आवश्यकता है !

आँधी तूफान का पूर्वानुमान -जुलाई 2018


मौसम पूर्वानुमान :जुलाई 2018














भूकंप -सिक्किम में 27-6-2018 को 5.36 PM तीव्रता 3 .39'चन्द्रज' भूकंप !

जानिए इस भूकंप का फल -
      इस समय भूकंप की सूचना के अनुशार इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों  में इस समय उन्माद की मात्रा घटेगी ! प्राचीन विज्ञान के हिसाब से चंद्र किरणों के प्रभाव से यह भूकंप प्रकट हुआ है इसलिए  'चन्द्रज' भूकंप होने के कारण इसमें अति वर्षा और बाढ़  आदि की घटनाएँ बढ़ेंगी ! भूकंप का केंद्र चंद्र से संबंधित है इसलिए जल के संपर्क में अधिक रहने वाले लोग जल जनित बीमारियों के शिकार होंगे !   इन क्षेत्रों में तालाब आदि के संपर्क में रहने वाले लोग नहाने धोने एवं पीने के पानी का भी विशेष सतर्कता से प्रयोग करें!
     कुल मिलाकर पानी के प्रदूषण से प्रदूषित वायु का स्पर्श होने से भी हो सकती हैं उल्टी दस्त एवं ज्वर जैसी अधिक दिनों तक चलने वाली कई बीमारियाँ !सरकार इनसे बचाव के लिए समय रहते यदि सचेत नहीं हो सकी तो उपर्युक्तसमय तक ये बीमारियाँ सरकार के नियंत्रण से बाहर भी जा सकती हैं !इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की क्षति होगी ।इस भूकंप का विशेष प्रभाव 18-8-2018 तक रहेगा !किंतु जैसे जैसे समय बीतता जाएगा वैसे वैसे भूकंप का प्रभाव घटता जाएगा और भूकंप से सम्बंधित कही गई बातें भी सामान्य होती चली जाएँगी !जलजनित गैसों के प्रकोप से ये भूकम्प आया  है और उन्हीं गैसों के प्रकोप से ज्वर आदि बीमारियाँ अचानक बढ़ती चली जाएँगी !जैसे जैसे समय बीतेगा वैसे वैसे स्थिति सामान्य  होती जाएगी | पुनः  इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की बहुत बड़ी क्षति होगी । जल जनित बीमारियों से बचने के लिए नदी तालाब आदि के जलों के संपर्क में रहने से अधिक से अधिक बचने का प्रयास करें