भूकंप :शिमला में -17-6-2018 को 3.36 AM में आया 'सूर्यजभूकंप' तीव्रता 3.2

क्या है इस भूकम्प का फल -
    इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
     यहाँ सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी !यहाँ तक कि भारत पाक की सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को तुरंत विशेष सतर्क कर दिया जाना चाहिए !   अभी तक तो केवल आतंकवादी ही थे अब तो कश्मीर  में रहने वाले स्थानीय लोग भी विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !     
    इस क्षेत्र में पाक सीमा पर लगी भारतीय सेनाओं को तुरंत सावधान कर दिया जाना चाहिए क्योंकि पकिस्तान उनके विरुद्ध कभी भी कोई भी कितनी भी बड़ी कायराना वारदात को अंजाम दे सकता है !इसलिए सैनिकों के बहुमूल्य जीवन की सुरक्षा जितने प्रकारों से की जा सकती हो वो सभी तत्काल प्रयोग में लाए जाने चाहिए जिससे सैनिकों की सुरक्षा अधिक से अधिक सुनिश्चित की जा सके एवं आतंकवादी घटनाओं से देश की रक्षा की जा सके !इसके अलावा देश के अंदर भी भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में संभावित तनाव को रोकने के लिए भी प्रभावी प्रयास करने चाहिए !अगले 50 दिनों तक विशेष सावधानी वर्तनी होगी !     
    'सूर्यज' भूकंप का प्रभाव अगले कम से कम 50 दिनों तक अवश्य रहेगा किंतु जैसे जैसे समय ब्यतीत होता चला जाएगा वैसे वैसे इस भूकंप का असर भी घटता चला जाएगा !ऊपर जो दोष दुर्गुण आदि बताए गए हैं वो 8-8-2018 तक विशेष प्रभावी रहेंगे !धीरे धीरे ही प्रभाव घटता चला जाएगा !
     चूँकि अभी तुरंत भूकंप घटित हुआ है इसलिए इसका असर पृथ्वी पर अभी सौ प्रतिशत है इससे प्रभावित क्षेत्र अगले कम से कम 90 दिनों तक कई ऐसी समस्याओं से जूझेगा ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र का पानी बहुत तेजी से सुखा देगा ये भूकंप !इस क्षेत्र में वर्षा की संभावनाएँ 8 -8  -2018 तक  अत्यंत कमजोर रहेंगी !गर्मी का प्रकोप इस क्षेत्र की प्रकृति को बदल देगा !
   इस भूकंप के कारण गर्मी इतनी अधिक बढ़ जाएगी कि नदियों कुओं तालाबों आदि का जलस्तर तेजी से घटता चला जाएगा !पाताल तक की जलराशि का अत्यधिक मात्रा में अतिशीघ्र शोषण कर लेगा ये भूकंप !
   जिससे जल संकट बहुत तेजी से बढ़ता चला जाएगा !सरकार को इस क्षेत्र में विशेष सतर्कता पूर्वक जल आपूर्ति के यथा संभव तुरंत पूरक उपाय अभी से शुरू कर देने चाहिए !अन्यथा देर हो जाएगी !
    वर्तमान वायु में शोषण का गुण विशेष बढ़ जाने से कृषि के क्षेत्र में इस समय होने वाली फसलों पर इसका असर विशेष अधिक पड़ेगा !आनाज की उपज की मात्रा काफी अधिक घट जाएगी !तैयार अनाज पकने की अपेक्षा बहुत तेजी से सूखते चले जाएँगे जिससे पैदावार आशा की अपेक्षा बहुत कम रह जाएगी !
   संभावित जल संकट के कारण इस फसल में होने वाली सब्जियों की पैदावार पर बहुत अधिक बिपरीत असर पड़ेगा !और खाद्य पदार्थों के संकट से निपटने के लिए सरकार अत्यंत शीघ्र सतर्क होकर प्रयास करना प्रारंभ कर दे !
     इस भूकंप के दुष्प्रभाव से दूसरी बड़ी समस्या ये पैदा होगी कि इस भूकंपीय क्षेत्र में अग्नि सम्बन्धी समस्याएँ बहुत शीघ्र बहुत अधिक बढ़ जाएँगी क्योंकि इस समय भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के वायुमण्डल में व्याप्त है अग्नि !इसलिए अग्नि से सामान्य वायु भी इस समय ज्वलन शील गैस जैसे गुणों से युक्त होकर विचरण कर रही है जिसके प्रभाव से इस क्षेत्र में कभी भी कहीं भी कितनी भी भीषण आग लगने की घटनाएँ घटित हो सकती हैं इससे जनता को सतर्क किया जाना चाहिए !थोड़ी सी भी असावधानी विशेष घातक होगी !इसलिए सरकार के द्वारा अग्निशमन सेवाओं को बिल्कुल चुस्त दुरुस्त करके तैयारकर दिया जाना चाहिए !
    स्वास्थ्य की दृष्टि से इस भूकंप के दुष्प्रभाव से पित्त अर्थात गर्मी संबंधित रोग विशेष रूप से पनपेंगे !शरीर में जलन की बीमारियाँ बढ़ेंगी तरह तरह के ज्वर फैलेंगे बिचर्चिका और बिसर्पिका जैसी त्वचा सम्बन्धी बीमारियाँ नेत्र में जलन रोग एवं पीलिया जैसे रोगों के निकट भविष्य में विशेष बढ़ने की सम्भावना है !इस दृष्टि से सरकार को विशेष चिकित्सकीय सतर्कता बरतनी चाहिए !
    'सूर्यज' भूकंप होने के कारण इस तापमान का असर केवल प्रकृति और स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं रहेगा अपितु  इस समय स्थापित सरकारों में बैठे लोगों के लिए ये सबसे अधिक सावधान रहने का समय है क्योंकि इस समय इस भूकंप के प्रभाव से तमाम प्रकार की इतनी अधिक समस्याएँ पैदा हो जाएँगी जिनसे अत्यधिक प्रयास पूर्वक निपटने के बाद भी जनता के असंतोष को कम कर पाना अत्यंत कठिन होगा !जिसके दुष्परिणाम स्थापित सरकारों की छवि बिगाड़ सकते हैं !जिसकी भरपाई कर पाना निकट भविष्य में अत्यंत कठिन होगा !

वैदिक विज्ञान और मौसम पूर्वानुमान !

      वैदिक विज्ञान प्राकृतिक घटनाओं से सम्बंधित पूर्वानुमान लगाने के लिए वो वास्तविक प्रमाणित विज्ञान विधा है जिसने सबसे पहले सूर्य चंद्र ग्रहण जैसी आकाशीय घटनाओं का पूर्वानुमान लगाया था तब तो आधुनिक विज्ञान का जन्म भी नहीं हुआ था !
     वैसे भी वर्षा बाढ़ आँधी तूफान जैसे विषयों में दीर्घकालिक पूर्वानुमान लगाने के लिए यही प्राचीन वैदिक विज्ञान ही सबसे अधिक प्रमाणित एवं उपयुक्त है!आधुनिक विधा से की गई दीर्घकालिक भविष्यवाणियाँ इसीलिए तो सच नहीं हो पाती हैं !मध्यकालिक कुछ सच हो भी जाती हैं !यद्यपि  अल्पावधि के पूर्वानुमान सच होने का अनुपात कुछ अधिक है किंतु यह अवधि इतनी कम होती है कि यह न कृषि के लिए उपयोगी रह जाती है और न ही किसानों के किसी उपयोग में आ पाती है !
      इसके साथ ही किसी किसी वर्ष घटित होने वाली कुछ विशेष प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं का का पूर्वानुमान लगाना तो दूर उसके घटित होने का उचित कारण भी पता नहीं लग पता है !-
        सं 2016 में घटित हुई आग लगने की हजारों घटनाएँ एवं उस वर्ष हुए भयंकर जल संकट का न तो पूर्वानुमान खोजा  जा सका और न ही उस वर्ष ऐसा होने का उचित प्रामाणिक एवं पारदर्शी कारण !
       इसी प्रकार से सं 2018 में घटित हुई आँधी की विशेष भयानक घटनाओं का भी न तो पूर्वानुमान बताया जा सका था और न ही इसी वर्ष ऐसा होने का उचित प्रामाणिक एवं पारदर्शी कारण !
         ऐसे ही अनुत्तरित प्रश्नों के उचित प्रामाणिक एवं पारदर्शी कारण खोजने के  लिए मैं पिछले लगभग 20 वर्षों से उसी प्राचीन वैदिक विधा के द्वारा अनुसंधान करता चला आ रहा हूँ जिसमें प्राकृतिक आपदाओं संबंधी पूर्वानुमान लगाने के विषय में कई बड़ी सफलताएँ मिली हैं जो किसी भी कसौटी पर कसे जाने योग्य हैं !
      भूकंपों के विषय में पूर्वानुमान छोड़कर बाकी बहुत कुछ उसी प्राचीन वैदिक विधा के द्वारा जाना जा चुका है जो पूर्वानुमानों के घटित होने की प्रतीक्षा में है उसे उचित समय आने पर साक्ष्यों सहित प्रस्तुत कर दिया जाएगा ! मेरा मानना है कि जिस गणित के द्वारा सुदूर आकाश में स्थित सूर्य और चंद्र के ग्रहणों का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है उस ग्रह गणित के द्वारा भूकंप आँधी और वर्षा बाढ़ जैसी प्राकृतिक घटनाओं का पूर्वानुमान लगा लेना इसमें आश्चर्य की बात क्या है !
      यह सच है कि भारत की मौसम पूर्वानुमान संबंधी प्राचीन विधा सरकार और समाज की उपेक्षा की शिकार निरंतर होती रही है !इस युग में ऐसी विधा के द्वारा संसाधनों के अभाव में शोध करना कितना कठिन होता है इसके बाद भी पिछले लगभग 20 वर्षों से मेरी यह अनुसंधान यात्रा निरंतर जारी है !तमाम कठिनाइयों के बाद भी मुझे पूर्ण विश्वास है कि वर्षा भूकंप आदि प्राकृतिक घटनाओं के रहस्य को उद्घाटित करने में विश्व की किसी अन्यविधा की अपेक्षा वैदिक विज्ञान की यह विधा पहले सफल होगी !इसी आशा में -
                                                                                                                             भवदीय -
                                                                                                                   डॉ.शेष नारायण वाजपेयी  

भूकंप :भारत -चीन सीमा पर !19 -6 -2018 को 5.15 AM में आया 'सूर्यजभूकंप' तीव्रता 4.5

क्या है इस भूकम्प का फल -
    भारत और चीन के बीच अब बढ़ेगा आपसी तनाव जिससे सरकार को बहुत सतर्क रहना चाहिए !इसी के साथ पूर्वोत्तर भारत में अब गर्मी बढ़ेगी और वर्षा होना बिल्कुल रुक जाएगा !यह सब कुछ 8-8-2018तक चलेगा 
     इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
     यहाँ सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी !यहाँ तक कि भारत पाक की सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को तुरंत विशेष सतर्क कर दिया जाना चाहिए !   अभी तक तो केवल आतंकवादी ही थे अब तो कश्मीर  में रहने वाले स्थानीय लोग भी विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !     
    इस क्षेत्र में पाक सीमा पर लगी भारतीय सेनाओं को तुरंत सावधान कर दिया जाना चाहिए क्योंकि पकिस्तान उनके विरुद्ध कभी भी कोई भी कितनी भी बड़ी कायराना वारदात को अंजाम दे सकता है !इसलिए सैनिकों के बहुमूल्य जीवन की सुरक्षा जितने प्रकारों से की जा सकती हो वो सभी तत्काल प्रयोग में लाए जाने चाहिए जिससे सैनिकों की सुरक्षा अधिक से अधिक सुनिश्चित की जा सके एवं आतंकवादी घटनाओं से देश की रक्षा की जा सके !इसके अलावा देश के अंदर भी भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में संभावित तनाव को रोकने के लिए भी प्रभावी प्रयास करने चाहिए !अगले 50 दिनों तक विशेष सावधानी वर्तनी होगी !     
    'सूर्यज' भूकंप का प्रभाव अगले कम से कम 50 दिनों तक अवश्य रहेगा किंतु जैसे जैसे समय ब्यतीत होता चला जाएगा वैसे वैसे इस भूकंप का असर भी घटता चला जाएगा !ऊपर जो दोष दुर्गुण आदि बताए गए हैं वो 8-8-2018 तक विशेष प्रभावी रहेंगे !धीरे धीरे ही प्रभाव घटता चला जाएगा !
     चूँकि अभी तुरंत भूकंप घटित हुआ है इसलिए इसका असर पृथ्वी पर अभी सौ प्रतिशत है इससे प्रभावित क्षेत्र अगले कम से कम 90 दिनों तक कई ऐसी समस्याओं से जूझेगा ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र का पानी बहुत तेजी से सुखा देगा ये भूकंप !इस क्षेत्र में वर्षा की संभावनाएँ 8 -8  -2018 तक  अत्यंत कमजोर रहेंगी !गर्मी का प्रकोप इस क्षेत्र की प्रकृति को बदल देगा !
   इस भूकंप के कारण गर्मी इतनी अधिक बढ़ जाएगी कि नदियों कुओं तालाबों आदि का जलस्तर तेजी से घटता चला जाएगा !पाताल तक की जलराशि का अत्यधिक मात्रा में अतिशीघ्र शोषण कर लेगा ये भूकंप !
   जिससे जल संकट बहुत तेजी से बढ़ता चला जाएगा !सरकार को इस क्षेत्र में विशेष सतर्कता पूर्वक जल आपूर्ति के यथा संभव तुरंत पूरक उपाय अभी से शुरू कर देने चाहिए !अन्यथा देर हो जाएगी !
    वर्तमान वायु में शोषण का गुण विशेष बढ़ जाने से कृषि के क्षेत्र में इस समय होने वाली फसलों पर इसका असर विशेष अधिक पड़ेगा !आनाज की उपज की मात्रा काफी अधिक घट जाएगी !तैयार अनाज पकने की अपेक्षा बहुत तेजी से सूखते चले जाएँगे जिससे पैदावार आशा की अपेक्षा बहुत कम रह जाएगी !
   संभावित जल संकट के कारण इस फसल में होने वाली सब्जियों की पैदावार पर बहुत अधिक बिपरीत असर पड़ेगा !और खाद्य पदार्थों के संकट से निपटने के लिए सरकार अत्यंत शीघ्र सतर्क होकर प्रयास करना प्रारंभ कर दे !
     इस भूकंप के दुष्प्रभाव से दूसरी बड़ी समस्या ये पैदा होगी कि इस भूकंपीय क्षेत्र में अग्नि सम्बन्धी समस्याएँ बहुत शीघ्र बहुत अधिक बढ़ जाएँगी क्योंकि इस समय भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के वायुमण्डल में व्याप्त है अग्नि !इसलिए अग्नि से सामान्य वायु भी इस समय ज्वलन शील गैस जैसे गुणों से युक्त होकर विचरण कर रही है जिसके प्रभाव से इस क्षेत्र में कभी भी कहीं भी कितनी भी भीषण आग लगने की घटनाएँ घटित हो सकती हैं इससे जनता को सतर्क किया जाना चाहिए !थोड़ी सी भी असावधानी विशेष घातक होगी !इसलिए सरकार के द्वारा अग्निशमन सेवाओं को बिल्कुल चुस्त दुरुस्त करके तैयारकर दिया जाना चाहिए !
    स्वास्थ्य की दृष्टि से इस भूकंप के दुष्प्रभाव से पित्त अर्थात गर्मी संबंधित रोग विशेष रूप से पनपेंगे !शरीर में जलन की बीमारियाँ बढ़ेंगी तरह तरह के ज्वर फैलेंगे बिचर्चिका और बिसर्पिका जैसी त्वचा सम्बन्धी बीमारियाँ नेत्र में जलन रोग एवं पीलिया जैसे रोगों के निकट भविष्य में विशेष बढ़ने की सम्भावना है !इस दृष्टि से सरकार को विशेष चिकित्सकीय सतर्कता बरतनी चाहिए !
    'सूर्यज' भूकंप होने के कारण इस तापमान का असर केवल प्रकृति और स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं रहेगा अपितु  इस समय स्थापित सरकारों में बैठे लोगों के लिए ये सबसे अधिक सावधान रहने का समय है क्योंकि इस समय इस भूकंप के प्रभाव से तमाम प्रकार की इतनी अधिक समस्याएँ पैदा हो जाएँगी जिनसे अत्यधिक प्रयास पूर्वक निपटने के बाद भी जनता के असंतोष को कम कर पाना अत्यंत कठिन होगा !जिसके दुष्परिणाम स्थापित सरकारों की छवि बिगाड़ सकते हैं !जिसकी भरपाई कर पाना निकट भविष्य में अत्यंत कठिन होगा !

भूकंप :जम्मू कश्मीर में 14 -6 -2018 समय 6.12 AMबजे ,,'वातज' भूकंप,तीव्रता 4.0


  जम्मू कश्मीर में गुरुवार की सुबह 6 . 12 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए.इसकी तीव्रता 4.0 मापी गई. इसका केंद्र उत्तरकाशी जिले में  था.

  जानिए इस भूकंप का फल - 

     इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में अब अचानक पागलपन सवार होगा ,उन्माद आतंकवाद आदि उपद्रवों में जन भागीदारी देखने को मिलने लगेगी |सरकार को विशेष सावधानी वर्तनी चाहिए ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के आकाश में धुआँ धुँआ सा दिखाई पड़ने लगेगा तेज हवाएँ चलना भी संभव है आँधी तूफान का प्रकोप भी बढ़ सकता है ! सूर्य की किरणें भी धूमिल दिखेंगी अनाज, जल और औषधियों का नाश होगा ! 

  शरीरों में सूजन ,दमा एवं खाँसी से उत्पन्न पीड़ा बढ़ने  लगेगी  ।ज्वर रोग तथा सामूहिक पागलपन की परेशानियाँ बढ़ेंगी इस क्षेत्र के अच्छे खासे शिक्षित और समझदार लोग भी न केवल पागलों जैसी दलीलें देते दिखेंगे अपितु उपद्रवी गतिविधियों में सम्मिलित होने में भी गर्व महसूस  करेंगे ।

  डॉक्टरों ,सैनिकों, महिलाओं नाचने गाने वालों ,फिल्मी कलाकारों एवं कारीगरों और व्यापार करने वाले लोगों पर विशेष भारी है ये भूकंप !ऐसे भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में दिमागी चक्कर आने की बीमारियाँ बढ़ती हैं अचानक ऐसा गुस्सा आता है कि मरने मारने को उतारू हो जाते हैं इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों के लोग !
      साँस फूलने संबंधी बीमारियाँ भयंकर रूप लेती जाती हैं इस भूकंप का प्रभाव तो 200 दिनों का होता है किंतु जैसे जैसे समय बीतता है वैसे वैसे घटता चला जाता है तब भी 5 -8 -2018 तक का समय विशेष भारी होगा इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र को तब तक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ साथ आतंकवादी समस्याओं से भी विशेष सावधान रहना होगा !सामाजिक दंगे न बढ़ने पाएँ ध्यान रखा जाना चाहिए इस भूकंप का आना इस क्षेत्र में तनाव तैयार करने का कारण बन सकता है !

भूकंप पूर्वानुमान -जून 2018


                भूकंप के लिए पहली संभावित तिथि और समय -

    15 -6-2018 को दिन में 1 बजकर 33 मिनट से लेकर 16-6-2018 को दिन में 14 .00 बजे तक भूकंप घटित होने (आने) की प्रबल संभावना है !इसकी तीव्रता 6 के आस पास हो सकती है और इसका केंद्र उत्तर भारत होगा इसका क्षेत्र अत्यंत विशाल अर्थात उत्तर भारत के कई प्रदेशों को प्रभावित करने वाला हो  सकता है !
     
                भूकंप के लिए दूसरी संभावित तिथि और समय -
   20 -6-2018 को दिन में 6 बजकर 7 मिनट प्रातः काल से लेकर 24-6-2018 को प्रातः 6 बजकर 13  मिनट तक
 भूकंप घटित होने (आने) की प्रबल संभावना है !इसकी तीव्रता 6 के आस पास हो सकती है और इसका केंद्र उत्तर 
भारत होगा इसका क्षेत्र अत्यंत विशाल अर्थात उत्तर भारत के कई प्रदेशों को प्रभावित करने वाला हो  सकता है ! 
इसलिए सावधानी विशेष वरती जानी चाहिए !
   

भूकंप - हिमाचल (चंबा-काँगड़ा) में 14-6-2018 को 15.45 बजे तीव्रता 4 .5 'चन्द्रज' भूकंप !

चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा और काँगड़ा में गुरुवार 3 बजकर 45 मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 4.5 थी। जानिए इस भूकंप का फल -
      इस समय भूकंप की सूचना के अनुशार इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों  में इस समय उन्माद की मात्रा घटेगी ! प्राचीन विज्ञान के हिसाब से चंद्र किरणों के प्रभाव से यह भूकंप प्रकट हुआ है इसलिए  'चन्द्रज' भूकंप होने के कारण इसमें अति वर्षा और बाढ़ बर्फ वारी आदि की घटनाएँ बढ़ेंगी ! भूकंप का केंद्र चंद्र से संबंधित है इसलिए जल के संपर्क में अधिक रहने वाले लोग जल जनित बीमारियों के शिकार होंगे !   इन क्षेत्रों में तालाब आदि के संपर्क में रहने वाले लोग नहाने धोने एवं पीने के पानी का भी विशेष सतर्कता से प्रयोग करें!
     कुल मिलाकर पानी के प्रदूषण से प्रदूषित वायु का स्पर्श होने से भी हो सकती हैं उल्टी दस्त एवं ज्वर जैसी अधिक दिनों तक चलने वाली कई बीमारियाँ !सरकार इनसे बचाव के लिए समय रहते यदि सचेत नहीं हो सकी तो उपर्युक्तसमय तक ये बीमारियाँ सरकार के नियंत्रण से बाहर भी जा सकती हैं !इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की क्षति होगी ।इस भूकंप का विशेष प्रभाव 29 -6-2018 तक रहेगा !किंतु जैसे जैसे समय बीतता जाएगा वैसे वैसे भूकंप का प्रभाव घटता जाएगा और भूकंप से सम्बंधित कही गई बातें भी सामान्य होती चली जाएँगी !जलजनित गैसों के प्रकोप से ये भूकम्प आया  है और उन्हीं गैसों के प्रकोप से ज्वर आदि बीमारियाँ अचानक बढ़ती चली जाएँगी !जैसे जैसे समय बीतेगा वैसे वैसे स्थिति सामान्य  होती जाएगी | पुनः  इस भूकंप  से नदी के किनारे बसने वाले लोगों की बहुत बड़ी क्षति होगी । जल जनित बीमारियों से बचने के लिए नदी तालाब आदि के जलों के संपर्क में रहने से अधिक से अधिक बचने का प्रयास करें

भूकंप :उत्तरकाशी में 14 -6 -2018 समय 6.00 AMबजे ,,'वातज' भूकंप,तीव्रता 4.0

 उत्तराखंड में गुरुवार की सुबह 6 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए.इसकी तीव्रता 4.0 मापी गई. इसका केंद्र उत्तरकाशी जिले में  था.

  जानिए इस भूकंप का फल - 

     इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में अब अचानक पागलपन सवार होगा ,उन्माद आतंकवाद आदि उपद्रवों में जन भागीदारी देखने को मिलने लगेगी |सरकार को विशेष सावधानी वर्तनी चाहिए ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के आकाश में धुआँ धुँआ सा दिखाई पड़ने लगेगा तेज हवाएँ चलना भी संभव है आँधी तूफान का प्रकोप भी बढ़ सकता है ! सूर्य की किरणें भी धूमिल दिखेंगी अनाज, जल और औषधियों का नाश होगा ! 

  शरीरों में सूजन ,दमा एवं खाँसी से उत्पन्न पीड़ा बढ़ने  लगेगी  ।ज्वर रोग तथा सामूहिक पागलपन की परेशानियाँ बढ़ेंगी इस क्षेत्र के अच्छे खासे शिक्षित और समझदार लोग भी न केवल पागलों जैसी दलीलें देते दिखेंगे अपितु उपद्रवी गतिविधियों में सम्मिलित होने में भी गर्व महसूस  करेंगे ।

  डॉक्टरों ,सैनिकों, महिलाओं नाचने गाने वालों ,फिल्मी कलाकारों एवं कारीगरों और व्यापार करने वाले लोगों पर विशेष भारी है ये भूकंप !ऐसे भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में दिमागी चक्कर आने की बीमारियाँ बढ़ती हैं अचानक ऐसा गुस्सा आता है कि मरने मारने को उतारू हो जाते हैं इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों के लोग !
      साँस फूलने संबंधी बीमारियाँ भयंकर रूप लेती जाती हैं इस भूकंप का प्रभाव तो 200 दिनों का होता है किंतु जैसे जैसे समय बीतता है वैसे वैसे घटता चला जाता है तब भी 5 -8 -2018 तक का समय विशेष भारी होगा इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र को तब तक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ साथ आतंकवादी समस्याओं से भी विशेष सावधान रहना होगा !सामाजिक दंगे न बढ़ने पाएँ ध्यान रखा जाना चाहिए इस भूकंप का आना इस क्षेत्र में तनाव तैयार करने का कारण बन सकता है !

भूकंप :असम में 11 -6 -2018 को 10.23 AM में आया 'सूर्यजभूकंप' तीव्रता 5.1

 
क्या है इस भूकम्प का फल - 


     इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
     यहाँ सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी !यहाँ तक कि भारत पाक की सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को तुरंत विशेष सतर्क कर दिया जाना चाहिए !   अभी तक तो केवल आतंकवादी ही थे अब तो कश्मीर  में रहने वाले स्थानीय लोग भी विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !     
    इस क्षेत्र में पाक सीमा पर लगी भारतीय सेनाओं को तुरंत सावधान कर दिया जाना चाहिए क्योंकि पकिस्तान उनके विरुद्ध कभी भी कोई भी कितनी भी बड़ी कायराना वारदात को अंजाम दे सकता है !इसलिए सैनिकों के बहुमूल्य जीवन की सुरक्षा जितने प्रकारों से की जा सकती हो वो सभी तत्काल प्रयोग में लाए जाने चाहिए जिससे सैनिकों की सुरक्षा अधिक से अधिक सुनिश्चित की जा सके एवं आतंकवादी घटनाओं से देश की रक्षा की जा सके !इसके अलावा देश के अंदर भी भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में संभावित तनाव को रोकने के लिए भी प्रभावी प्रयास करने चाहिए !अगले 50 दिनों तक विशेष सावधानी वर्तनी होगी !     
    'सूर्यज' भूकंप का प्रभाव अगले कम से कम 50 दिनों तक अवश्य रहेगा किंतु जैसे जैसे समय ब्यतीत होता चला जाएगा वैसे वैसे इस भूकंप का असर भी घटता चला जाएगा !ऊपर जो दोष दुर्गुण आदि बताए गए हैं वो 25-7-2018 तक विशेष प्रभावी रहेंगे !धीरे धीरे ही प्रभाव घटता चला जाएगा !
     चूँकि अभी तुरंत भूकंप घटित हुआ है इसलिए इसका असर पृथ्वी पर अभी सौ प्रतिशत है इससे प्रभावित क्षेत्र अगले कम से कम 90 दिनों तक कई ऐसी समस्याओं से जूझेगा ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र का पानी बहुत तेजी से सुखा देगा ये भूकंप !इस क्षेत्र में वर्षा की संभावनाएँ 25-7 -2018 तक  अत्यंत कमजोर रहेंगी !गर्मी का प्रकोप इस क्षेत्र की प्रकृति को बदल देगा !
   इस भूकंप के कारण गर्मी इतनी अधिक बढ़ जाएगी कि नदियों कुओं तालाबों आदि का जलस्तर तेजी से घटता चला जाएगा !पाताल तक की जलराशि का अत्यधिक मात्रा में अतिशीघ्र शोषण कर लेगा ये भूकंप !
   जिससे जल संकट बहुत तेजी से बढ़ता चला जाएगा !सरकार को इस क्षेत्र में विशेष सतर्कता पूर्वक जल आपूर्ति के यथा संभव तुरंत पूरक उपाय अभी से शुरू कर देने चाहिए !अन्यथा देर हो जाएगी !
    वर्तमान वायु में शोषण का गुण विशेष बढ़ जाने से कृषि के क्षेत्र में इस समय होने वाली फसलों पर इसका असर विशेष अधिक पड़ेगा !आनाज की उपज की मात्रा काफी अधिक घट जाएगी !तैयार अनाज पकने की अपेक्षा बहुत तेजी से सूखते चले जाएँगे जिससे पैदावार आशा की अपेक्षा बहुत कम रह जाएगी !
   संभावित जल संकट के कारण इस फसल में होने वाली सब्जियों की पैदावार पर बहुत अधिक बिपरीत असर पड़ेगा !और खाद्य पदार्थों के संकट से निपटने के लिए सरकार अत्यंत शीघ्र सतर्क होकर प्रयास करना प्रारंभ कर दे !
     इस भूकंप के दुष्प्रभाव से दूसरी बड़ी समस्या ये पैदा होगी कि इस भूकंपीय क्षेत्र में अग्नि सम्बन्धी समस्याएँ बहुत शीघ्र बहुत अधिक बढ़ जाएँगी क्योंकि इस समय भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के वायुमण्डल में व्याप्त है अग्नि !इसलिए अग्नि से सामान्य वायु भी इस समय ज्वलन शील गैस जैसे गुणों से युक्त होकर विचरण कर रही है जिसके प्रभाव से इस क्षेत्र में कभी भी कहीं भी कितनी भी भीषण आग लगने की घटनाएँ घटित हो सकती हैं इससे जनता को सतर्क किया जाना चाहिए !थोड़ी सी भी असावधानी विशेष घातक होगी !इसलिए सरकार के द्वारा अग्निशमन सेवाओं को बिल्कुल चुस्त दुरुस्त करके तैयारकर दिया जाना चाहिए !
    स्वास्थ्य की दृष्टि से इस भूकंप के दुष्प्रभाव से पित्त अर्थात गर्मी संबंधित रोग विशेष रूप से पनपेंगे !शरीर में जलन की बीमारियाँ बढ़ेंगी तरह तरह के ज्वर फैलेंगे बिचर्चिका और बिसर्पिका जैसी त्वचा सम्बन्धी बीमारियाँ नेत्र में जलन रोग एवं पीलिया जैसे रोगों के निकट भविष्य में विशेष बढ़ने की सम्भावना है !इस दृष्टि से सरकार को विशेष चिकित्सकीय सतर्कता बरतनी चाहिए !
    'सूर्यज' भूकंप होने के कारण इस तापमान का असर केवल प्रकृति और स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं रहेगा अपितु  इस समय स्थापित सरकारों में बैठे लोगों के लिए ये सबसे अधिक सावधान रहने का समय है क्योंकि इस समय इस भूकंप के प्रभाव से तमाम प्रकार की इतनी अधिक समस्याएँ पैदा हो जाएँगी जिनसे अत्यधिक प्रयास पूर्वक निपटने के बाद भी जनता के असंतोष को कम कर पाना अत्यंत कठिन होगा !जिसके दुष्परिणाम स्थापित सरकारों की छवि बिगाड़ सकते हैं !जिसकी भरपाई कर पाना निकट भविष्य में अत्यंत कठिन होगा !

भूकंप :जम्‍मू-कश्‍मीर में 12 बजकर 21 मिनट पर दोपहर में आया 'सूर्यजभूकंप' तीव्रता 4.4

क्या है इस भूकम्प का फल - 


     इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
     यहाँ सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी !यहाँ तक कि भारत पाक की सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को तुरंत विशेष सतर्क कर दिया जाना चाहिए !   अभी तक तो केवल आतंकवादी ही थे अब तो कश्मीर  में रहने वाले स्थानीय लोग भी विशेष उत्तेजित हो जाएँगे !ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !इस क्षेत्र में घुस पैठ कर  चुके आतंकी लोग स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सैनिकों के विरुद्ध कभी भी किसी बड़ी अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !     
    इस क्षेत्र में पाक सीमा पर लगी भारतीय सेनाओं को तुरंत सावधान कर दिया जाना चाहिए क्योंकि पकिस्तान उनके विरुद्ध कभी भी कोई भी कितनी भी बड़ी कायराना वारदात को अंजाम दे सकता है !इसलिए सैनिकों के बहुमूल्य जीवन की सुरक्षा जितने प्रकारों से की जा सकती हो वो सभी तत्काल प्रयोग में लाए जाने चाहिए जिससे सैनिकों की सुरक्षा अधिक से अधिक सुनिश्चित की जा सके एवं आतंकवादी घटनाओं से देश की रक्षा की जा सके !इसके अलावा देश के अंदर भी भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में संभावित तनाव को रोकने के लिए भी प्रभावी प्रयास करने चाहिए !अगले 50 दिनों तक विशेष सावधानी वर्तनी होगी !     
    'सूर्यज' भूकंप का प्रभाव अगले कम से कम 50 दिनों तक अवश्य रहेगा किंतु जैसे जैसे समय ब्यतीत होता चला जाएगा वैसे वैसे इस भूकंप का असर भी घटता चला जाएगा !ऊपर जो दोष दुर्गुण आदि बताए गए हैं वो 25-7-2018 तक विशेष प्रभावी रहेंगे !धीरे धीरे ही प्रभाव घटता चला जाएगा !
     चूँकि अभी तुरंत भूकंप घटित हुआ है इसलिए इसका असर पृथ्वी पर अभी सौ प्रतिशत है इससे प्रभावित क्षेत्र अगले कम से कम 90 दिनों तक कई ऐसी समस्याओं से जूझेगा ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र का पानी बहुत तेजी से सुखा देगा ये भूकंप !इस क्षेत्र में वर्षा की संभावनाएँ 25-7 -2018 तक  अत्यंत कमजोर रहेंगी !गर्मी का प्रकोप इस क्षेत्र की प्रकृति को बदल देगा !
   इस भूकंप के कारण गर्मी इतनी अधिक बढ़ जाएगी कि नदियों कुओं तालाबों आदि का जलस्तर तेजी से घटता चला जाएगा !पाताल तक की जलराशि का अत्यधिक मात्रा में अतिशीघ्र शोषण कर लेगा ये भूकंप !
   जिससे जल संकट बहुत तेजी से बढ़ता चला जाएगा !सरकार को इस क्षेत्र में विशेष सतर्कता पूर्वक जल आपूर्ति के यथा संभव तुरंत पूरक उपाय अभी से शुरू कर देने चाहिए !अन्यथा देर हो जाएगी !
    वर्तमान वायु में शोषण का गुण विशेष बढ़ जाने से कृषि के क्षेत्र में इस समय होने वाली फसलों पर इसका असर विशेष अधिक पड़ेगा !आनाज की उपज की मात्रा काफी अधिक घट जाएगी !तैयार अनाज पकने की अपेक्षा बहुत तेजी से सूखते चले जाएँगे जिससे पैदावार आशा की अपेक्षा बहुत कम रह जाएगी !
   संभावित जल संकट के कारण इस फसल में होने वाली सब्जियों की पैदावार पर बहुत अधिक बिपरीत असर पड़ेगा !और खाद्य पदार्थों के संकट से निपटने के लिए सरकार अत्यंत शीघ्र सतर्क होकर प्रयास करना प्रारंभ कर दे !
     इस भूकंप के दुष्प्रभाव से दूसरी बड़ी समस्या ये पैदा होगी कि इस भूकंपीय क्षेत्र में अग्नि सम्बन्धी समस्याएँ बहुत शीघ्र बहुत अधिक बढ़ जाएँगी क्योंकि इस समय भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के वायुमण्डल में व्याप्त है अग्नि !इसलिए अग्नि से सामान्य वायु भी इस समय ज्वलन शील गैस जैसे गुणों से युक्त होकर विचरण कर रही है जिसके प्रभाव से इस क्षेत्र में कभी भी कहीं भी कितनी भी भीषण आग लगने की घटनाएँ घटित हो सकती हैं इससे जनता को सतर्क किया जाना चाहिए !थोड़ी सी भी असावधानी विशेष घातक होगी !इसलिए सरकार के द्वारा अग्निशमन सेवाओं को बिल्कुल चुस्त दुरुस्त करके तैयारकर दिया जाना चाहिए !
    स्वास्थ्य की दृष्टि से इस भूकंप के दुष्प्रभाव से पित्त अर्थात गर्मी संबंधित रोग विशेष रूप से पनपेंगे !शरीर में जलन की बीमारियाँ बढ़ेंगी तरह तरह के ज्वर फैलेंगे बिचर्चिका और बिसर्पिका जैसी त्वचा सम्बन्धी बीमारियाँ नेत्र में जलन रोग एवं पीलिया जैसे रोगों के निकट भविष्य में विशेष बढ़ने की सम्भावना है !इस दृष्टि से सरकार को विशेष चिकित्सकीय सतर्कता बरतनी चाहिए !
    'सूर्यज' भूकंप होने के कारण इस तापमान का असर केवल प्रकृति और स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं रहेगा अपितु  इस समय स्थापित सरकारों में बैठे लोगों के लिए ये सबसे अधिक सावधान रहने का समय है क्योंकि इस समय इस भूकंप के प्रभाव से तमाम प्रकार की इतनी अधिक समस्याएँ पैदा हो जाएँगी जिनसे अत्यधिक प्रयास पूर्वक निपटने के बाद भी जनता के असंतोष को कम कर पाना अत्यंत कठिन होगा !जिसके दुष्परिणाम स्थापित सरकारों की छवि बिगाड़ सकते हैं !जिसकी भरपाई कर पाना निकट भविष्य में अत्यंत कठिन होगा !

भूकंप :टिहरी में6 -6 -2018 समय रात्रि 11 .11 बजे ,तीव्रता 4.4,'सूर्यज' भूकंप

बुधवार रात 11 बजकर 11 मिनट पर महसूस किया गया। इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र टिहरी गढ़वाल में
क्या है इस भूकम्प का फल - 

     इस भूकंप का निर्माण सूर्य की किरणों के द्वारा हुआ है  इसलिए 'सूर्यज' भूकंप होने के कारण भूकंपीय क्षेत्र के वातावरण में सीमा से अधिक गरमी बढ़नी स्वाभाविक है !
     यहाँ सूखीखाँसी, साँस लेने की समस्या एवँ आँखों में जलन आदि जानलेवा होती जाएगी !गर्मी की अधिकता से होने वाले और रोग भी अधिक बढ़ेंगे !
     इसी 'सूर्यज' भूकंप के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मनों में तनाव बढ़ता चला जाएगा आत्मबल घटेगा ! इसीकारण समाज में उन्माद  भावना पनपेगी !जगह जगह असंतोष उन्माद जैसी दुर्घटनाएँ देखने को मिलने लगेंगी !यहाँ तक कि भारत पाक की सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए !आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए खुपिया एजेंसियों को विशेष सतर्क कर दिया जाना चाहिए !अन्यथा कभी भी किसी विशेष अप्रिय वारदात को आतंकी लोग अंजाम दे सकते हैं !
    'सूर्यज' भूकंप का प्रभाव अगले कम से कम 90 दिनों तक अवश्य रहेगा किंतु जैसे जैसे समय ब्यतीत होता चला जाएगा वैसे वैसे इस भूकंप का असर भी घटता चला जाएगा !ऊपर जो दोष दुर्गुण आदि बताए गए हैं वो 25-7-2018 तक विशेष प्रभावी रहेंगे !धीरे धीरे ही प्रभाव घटता चला जाएगा !
     चूँकि अभी तुरंत भूकंप घटित हुआ है इसलिए इसका असर पृथ्वी पर अभी सौ प्रतिशत है इससे प्रभावित क्षेत्र अगले कम से कम 90 दिनों तक कई ऐसी समस्याओं से जूझेगा ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र का पानी बहुत तेजी से सुखा देगा ये भूकंप !इस क्षेत्र में वर्षा की संभावनाएँ 
25-7 -2018 तक 
 अत्यंत कमजोर रहेंगी !
   इस भूकंप के कारण गर्मी इतनी अधिक बढ़ जाएगी कि नदियों कुओं तालाबों आदि का जलस्तर तेजी से घटता चला जाएगा !पाताल तक की जलराशि का अत्यधिक मात्रा में अतिशीघ्र शोषण कर लेगा ये भूकंप !
   जिससे जल संकट बहुत तेजी से बढ़ता चला जाएगा !सरकार को इस क्षेत्र में विशेष सतर्कता पूर्वक जल आपूर्ति के यथा संभव तुरंत पूरक उपाय अभी से शुरू कर देने चाहिए !अन्यथा देर हो जाएगी !
    वर्तमान वायु में शोषण का गुण विशेष बढ़ जाने से कृषि के क्षेत्र में इस समय होने वाली फसलों पर इसका असर विशेष अधिक पड़ेगा !आनाज की उपज की मात्रा काफी अधिक घट जाएगी !तैयार अनाज पकने की अपेक्षा बहुत तेजी से सूखते चले जाएँगे जिससे पैदावार आशा की अपेक्षा बहुत कम रह जाएगी !
   संभावित जल संकट के कारण इस फसल में होने वाली सब्जियों की पैदावार पर बहुत अधिक बिपरीत असर पड़ेगा !और खाद्य पदार्थों के संकट से निपटने के लिए सरकार अत्यंत शीघ्र सतर्क होकर प्रयास करना प्रारंभ कर दे !
     इस भूकंप के दुष्प्रभाव से दूसरी बड़ी समस्या ये पैदा होगी कि इस भूकंपीय क्षेत्र में अग्नि सम्बन्धी समस्याएँ बहुत शीघ्र बहुत अधिक बढ़ जाएँगी क्योंकि इस समय भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के वायुमण्डल में व्याप्त है अग्नि !इसलिए अग्नि से सामान्य वायु भी इस समय ज्वलन शील गैस जैसे गुणों से युक्त होकर विचरण कर रही है जिसके प्रभाव से इस क्षेत्र में कभी भी कहीं भी कितनी भी भीषण आग लगने की घटनाएँ घटित हो सकती हैं इससे जनता को सतर्क किया जाना चाहिए !थोड़ी सी भी असावधानी विशेष घातक होगी !इसलिए सरकार के द्वारा अग्निशमन सेवाओं को बिल्कुल चुस्त दुरुस्त करके तैयारकर दिया जाना चाहिए !
    स्वास्थ्य की दृष्टि से इस भूकंप के दुष्प्रभाव से पित्त अर्थात गर्मी संबंधित रोग विशेष रूप से पनपेंगे !शरीर में जलन की बीमारियाँ बढ़ेंगी तरह तरह के ज्वर फैलेंगे बिचर्चिका और बिसर्पिका जैसी त्वचा सम्बन्धी बीमारियाँ नेत्र में जलन रोग एवं पीलिया जैसे रोगों के निकट भविष्य में विशेष बढ़ने की सम्भावना है !इस दृष्टि से सरकार को विशेष चिकित्सकीय सतर्कता बरतनी चाहिए !
    'सूर्यज' भूकंप होने के कारण इस तापमान का असर केवल प्रकृति और स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं रहेगा अपितु ये समय भूकंप से विशेष प्रभावित लोगों के चिंतन को अत्यंत उग्र अर्थात दूषित कर देगा !जिससे इस क्षेत्र में लोगों के आपसी सम्बन्ध दिनोंदिन तनाव पूर्ण होते चले जाएँगे !लोग एक दूसरे के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाएंगे निकट भविष्य में विशेष अशांति बढ़ना संभव है !लोगों के आपसी सम्बन्धों में कटुता बढ़ती चली जाएगी !लोगों के आपसी संबंध अविश्वसनीय होते चले जाएंगे !
          इस क्षेत्र में पाक सीमा पर लगी भारतीय सेनाओं को तुरंत सावधान कर दिया जाना चाहिए क्योंकि पकिस्तान उनके विरुद्ध कभी भी कोई भी कितनी भी बड़ी कायराना वारदात को अंजाम दे सकता है !इसलिए सैनिकों के बहुमूल्य जीवन की सुरक्षा जितने प्रकारों से की जा सकती हो वो सभी तत्काल प्रयोग में लाए जाने चाहिए जिससे सैनिकों की सुरक्षा अधिक से अधिक सुनिश्चित की जा सके एवं आतंकवादी घटनाओं से देश की रक्षा की जा सके !इसके अलावा देश के अंदर भी भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में संभावित तनाव को रोकने के लिए भी प्रभावी प्रयास करने चाहिए ! 
    इस समय स्थापित सरकारों में बैठे लोगों के लिए ये सबसे अधिक सावधान रहने का समय है क्योंकि इस समय इस भूकंप के प्रभाव से तमाम प्रकार की इतनी अधिक समस्याएँ पैदा हो जाएँगी जिनसे अत्यधिक प्रयास पूर्वक निपटने के बाद भी जनता के असंतोष को कम कर पाना अत्यंत कठिन होगा !जिसके दुष्परिणाम स्थापित सरकारों की छवि बिगाड़ सकते हैं !जिसकी भरपाई कर पाना निकट भविष्य में अत्यंत कठिन होगा !